कर्णप्रयाग। उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संगठन ने टीईटी लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से मुक्त करने की मांग की और प्रारंभिक शिक्षा निदेशक को ज्ञापन दिया। संगठन के जिलाध्यक्ष दिगंबर सिंह नेगी ने बताया कि शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत वर्ष 2009 के प्रभावी होने से पूर्व राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद की ओर से लाखों शिक्षकों की निर्धारित शैक्षणिक अर्हता के तहत नियुक्ति की थी लेकिन वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों को टीईटी परीक्षा उत्तीर्ण करने के आदेश से शिक्षक आहत हैं। उन्होंने टीईटी की अनिवार्यता को समाप्त किए जाने की मांग की। ज्ञापन में हरिद्वार के जिला मंत्री हेमेंद्र चौहान, भगवानपुर के ब्लॉक अध्यक्ष अजय चमोली, चंपावत के उमेश जोशी, रकम सिंह आदि के हस्ताक्षर हैं। संवाद