देवाल/थराली। उत्तराखंड एकता मंच ने पर्वतीय क्षेत्रों में पांचवीं अनुसूची लागू करने और जनजाति दर्जा देने की मांग की है। मंच ने सरकार की अनदेखी पर आंदोलन की चेतावनी दी। मंच ने राजनीतिक दलों से अपने घोषणापत्र में इन मुद्दों को शामिल करने की अपील की। डॉ. विक्रम सिंह माहोड़ी ने कहा कि अन्य हिमालयी राज्यों को जनजाति दर्जा मिला है। उत्तराखंड को इससे वंचित रखना अन्याय है। कैप्टन इंद्र सिंह पनेरी ने बताया कि जनजाति दर्जा युवाओं को शिक्षा, रोजगार और सरकारी नौकरी में आरक्षण देगा। इससे जल, जंगल और जमीन पर स्थानीय लोगों का मालिकाना हक भी सुनिश्चित होगा। मंच ने कहा कि आगामी चुनाव में पर्वतीय समुदाय उन्हीं दलों को वोट देगा जो इन मांगों का समर्थन करेंगे। व्यापार संघ के सदस्य भी बैठक में मौजूद रहे। संवाद