क्वारंटीन सेंटर में रखे लोगों की निगरानी के लिए शिक्षकों की ड्यूटी भी लगाई गई है। राजकीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संगठन के सचिव सुजान सिंह बुटोला ने डीएम को ज्ञापन भेजकर ड्यूटी में लगाए शिक्षकों को कोरोना संक्रमण से बचाव एवं सुरक्षा के इंतजाम करने की मांग उठाई। उन्होंने ड्यूटी से पूर्व शिक्षकों को जरूरी दिशा निर्देश व प्रशिक्षण देने, सैनिटाइजेशन के लिए साबुन-पानी की व्यवस्था करने, पंजीयन स्थल पर सोशल डिस्टेंसिंग के लिए स्थायी गोले बनाने की मांग की।
वहीं देवाल में स्कूलों को क्वारंटीन सेंटर बनाया गया है और इस स्कूल के शिक्षकों की तैनाती बाहर के विद्यालयों में की गई है। इस पर प्राथमिक शिक्षक संघ ने नाराजगी जताकर उसमें संशोधन करने की मांग की। संघ के अध्यक्ष रमेश जोशी व महामंत्री दर्शन धपोला ने कहा कि 13 मार्च 2020 को विद्यालय बंद होने से कई शिक्षक मुख्यालय में नहीं हैं। उन्होंने शिक्षकों की तैनाती अपने ही विद्यालय में करने व सुरक्षा उपकरण मुहैया कराने की मांग। उपमुख्य शिक्षाधिकारी केएस रावत ने कहा कि शिक्षकों की तैनाती जिला स्तर से की गई। वहीं कोटद्वार में राजकीय शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष जयदीप रावत व जिला मंत्री मनमोहन सिंह चौहान ने क्वारंटीन निगरानी में ड्यूटी दे रहे शिक्षकों को सुरक्षा उपकरण मुहैया कराने और उनके रहने खाने की व्यवस्था करने की मांग उठाई।
अशासकीय शिक्षकों की ड्यूटी लगाने पर रोष
नई टिहरी। कोरोना संक्रमण के दौरान गांवों के क्वारंटीन सेंटरों में अशासकीय विद्यालयों के शिक्षकों की ड्यूटी लगाने का उत्तराखंड माध्यमिक शिक्षक संघ ने विरोध किया है। संगठन के जिलाध्यक्ष महादेव मैठाणी ने इस संबंध में मुख्य शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन भेजा। कहा कि क्वारंटीन सेंटरों में ड्यूटी के बाबत सचिव विद्यालयी शिक्षा और डीएम ने आदेश जारी किए हैं। इस आदेश में अशासकीय शिक्षकों का कोई जिक्र नहीं है, लेकिन कई ब्लॉकों में अशासकीय शिक्षकों को ड्यूटी के लिए पत्र भेजे जा रहे हैं। यदि ड्यूटी लगानी आवश्यक है, तो आदेश में अशासकीय विद्यालयों को भी जोड़ जाए।