कर्णप्रयाग। वर्ष 2026 में प्रस्तावित श्रीनंदा देवी राजजात यात्रा की तैयारियों के लिए रविवार को बैठक की गई। इसमें यात्रा पड़ावों पर अवस्थापना विकास कार्यों को जल्द शुरू करने की मांग उठी। साथ ही यात्रा को भव्य बनाने के प्रशासन के साथ जनसहभागिता पर जोर दिया गया।
ब्लाक सभागार में हुई बैठक में मुख्यमंत्री कार्यालय से जनसंपर्क अधिकारी दलवीर दानू ने कहा कि सीएम खुद यात्रा तैयारियों की मॉनीटरिंग कर रहे हैं। बैठक में छंतोलियों के मिलन स्थल को विकसित करने, हर पड़ाव पर स्ट्रीट लाइटें, सड़क, रैन शेल्टर, प्रतीक्षालय, बारातघर सहित अन्य अवस्थापना के काम करने की मांग की गई। कड़ाकोट के मध्यमार्ग, दशोली से सहायक यात्रा मार्ग पर व्यवस्थाओं पर भी चर्चा हुई। विधायक अनिल नौटियाल ने कहा कि जल्द ही सभी प्रस्तावों पर सीएम धामी से चर्चा के बाद कार्रवाई की जाएगी।
इस अवसर पर थराली के विधायक भूपाल राम टम्टा, कपकोट के विधायक सुरेश गड़िया, राज्यमंत्री बलवीर घुनियाल एवं शिव सिंह बिष्ट, श्रीनंदा देवी राजजात समिति के अध्यक्ष डा. राकेश कुंवर, महामंत्री भुवन नौटियाल, मंशाराम गौड़, लखन रावत, महावीर बिष्ट, एसडीएम राजकुमार पांडेय, सीओ अमित सैनी, तहसीलदार चमन सिंह आदि मौजूद थे।
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पर्यटन मानचित्र पर कुरूड़ की मांग
बैठक में बधाण क्षेत्र के लोगों ने कहा कि राजजात की मुख्य डोली कुरूड़ से आती है, लेकिन कुरूड़ यात्रा के पर्यटन मानचित्र पर नहीं है। ऐसे में उन्होंने बैठक में हंगामा करते हुए कहा कि यदि यात्रा मेंं कुरूड़ को मुख्य स्थान नहीं दिया गया तो इस बार नंदा की डोली हर वर्ष की लोक जात की भांति वेदनी से वापस हो जाएगी। इसका हल निकालने का सीएम के जनसंपर्क अधिकारी दलवीर दानू ने आश्वासन दिया, जिस पर लोग मान गए।