मनरेगा में 200 दिनों को रोजगार देने सहित 21 सूत्री मांगों को लेकर अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन समन्वय समिति की जिला इकाई के पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा।
उन्होंने ज्ञापन में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को सार्वभौमिक बनाने, बेरोजगारी पर रोक लगाने, श्रम कानूनों में किए गए मजदूर विरोधी कानूनों को निरस्त करने, सभी कामगारों को सामाजिक सुरक्षा कवच से कवर करने, न्यूनतम वेतन 21 हजार देने, ठेकेदारी प्रथा समाप्त कर समान कार्य के लिए समान वेतन देने आदि की मांग की। ज्ञापन पर बीएसएनएल संविदा श्रमिक संगठन के प्रांतीय अध्यक्ष नित्यानंद बहुगुणा, सीटू के जिला सचिव चिंतामणि थपलियाल, ओंकार सिंह नेगी, मंजू, गोविंद सिंह नेगी ने हस्ताक्षर किए।
गोपेश्वर में सीटू ने जिला मुख्यालय पर धरना दिया। उन्होंने राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर बेरोजगारी रोकने के लिए सरकारी भर्ती पर लगी रोक हटाने, ठेकेदारी प्रथा समाप्त कर समान कार्य के लिए समान वेतन देने, स्वास्थ्य, शिक्षा जैसी बुनियादी सेवाओं के निजीकरण को वापस लेने की मांग की। इस दौरान मदन मिश्रा, सरिता, गीता नेगी, मीनाक्षी, भारती राणा, दीपिका बिष्ट, संजू बिष्ट, शशि बिष्ट, दुर्गा देवी, गीता बिष्ट, भूपाल सिंह रावत आदि मौजूद रहे।
बेरोजगारी के विरोध में कांग्रेसियों का प्रदर्शन
कर्णप्रयाग। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने लगातार बढ़ रही बेरोजगारी के विरोध में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर नारेबाजी की। ब्लॉक अध्यक्ष राजेंद्र सगोई व नगर अध्यक्ष महेश खंडूड़ी की अगुवाई में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने मुख्य बाजार में जुलूस निकाला। कहा कि भाजपा सरकार के पास ठोस नीति न होने से युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है। महंगाई चरम पर है। रोजगार न होने से लोग कोरोनाकाल में आर्थिक तंगी से बेहाल हैं, लेकिन सरकार का ध्यान जनता की समस्याओं के निराकरण पर नहीं है। इस मौके पर पूर्व विधायक डॉ. एपी मैखुरी, जिलाध्यक्ष बीरेंद्र रावत, पूर्व जिलाध्यक्ष हरि सिंह रावत, हरीश सती, जिपंस लक्ष्मण बिष्ट, ईश्वरी मैखुरी, राजेश्वरी नेगी, मनोज रावत, पुष्कर रावत, लखपत सगोई, गौतम मिंगवाल और खिलदेव रावत आदि मौजूद थे। संवाद