देवाल। रूपकुंड वैली टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ने जिलाधिकारी से रूपकुंड ट्रैक को पर्यावरण संरक्षण और नियंत्रित पर्यटन नियमों के तहत पुन: शुरू करने की मांग की। एसोसिएशन ने वेदनी बुग्याल को नो कैंपिंग जोन घोषित करने का भी प्रस्ताव दिया है। एसोसिएशन के इंद्र सिंह राणा, प्रदीप कुनियाल, भुवन बिष्ट, संतोष, सूरज, भरत आदि ने डीएम को दिए ज्ञापन में कहा कि वर्ष 2018 में बुग्यालों में नाइट स्टे पर रोक लगने से यह ट्रैक प्रभावित हुआ था। पिछले जुलाई माह में सुप्रीम कोर्ट ने यह रोक हटा दी। इससे आठ साल बाद पर्यटक ट्रैकिंग कर सकेंगे। एसोसिएशन के सदस्यों ने कहा कि वेदनी बुग्याल का मुख्य क्षेत्र अत्यंत संवेदनशील है। उन्होंने वेदनी बुग्याल में किसी भी तरह की कैंपिंग की अनुमति न देने की मांग की। टूर ऑपरेटरों ने बुग्याल की प्राकृतिक वनस्पति और पारिस्थितिकी को संरक्षित रखने पर जोर दिया। संवाद
तलौर में जंगली जानवरों की दहशत
देवाल। तलौर गांव में जंगली सुअरों, बंदरों और लंगूरों का उत्पात बढ़ गया है। जंगली सुअरों ने फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। वहीं बंदर और लंगूर बच्चों पर हमला कर रहे हैं जिससे गांव में दहशत है। ग्रामीणों ने वन विभाग से नुकसान की जांच कर मुआवजा देने और जानवरों को पकड़ने की मांग की। उन्होंने कार्रवाई न होने पर रेंज कार्यालय में धरना देने की चेतावनी दी। वहीं रेंज अधिकारी मनोज देवराड़ी ने मामले में आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। संवाद