सणकोट गांव के ऊपर सोमवार देर शाम को हुई अतिवृष्टि से मलबा सड़कों और खेतों में आ गया। सणकोट और सैनार गांव में लोगों के मकान और पशुओं की गोशालाएं मलबे की चपेट में आने से बाल बाल बच गईं। वहीं कड़ाकोट पट्टी के चोपता, रैंस, तुनेड़ा में ओलावृष्टि हुई।
ग्रामीणों ने बताया कि अतिवृष्टि और ओलावृष्टि से फलदार वृक्षों के सभी फूल भी झड़ गए और खेतों में खड़ी गेहूं की फसलें भी चौपट हो गईं। बाग बगीचों में साग सब्जियाें को भी नुकसान पहुंचा है। पूर्व कनिष्ठ उपप्रमुख दलवीर रावत, सरोप सिंह, मोहन सिंह, मनमोहन सिनवाल, प्रधान पृथ्वी नेगी, रघुनाथ नेगी, क्षेपंस लक्ष्मी टम्टा ने प्रभावितों को मुआवजा देने की मांग की।
वहीं थराली सहित आसपास के क्षेत्रों में तेज गर्जना के साथ मूसलाधार बारिश हुई, जिससे किसानों की खड़ी फसल को भारी नुकसान हुआ। गेहूं, मसूर के खेतों में पानी भर गया। वहीं सड़कों पर पानी आने से यातायात प्रभावित रहा। बारिश से थराली देवाल मोटर मार्ग पर हो रहे डामरीकरण का कार्य भी बाधित रहा, जो डामरीकरण हुआ था वो भी खराब हो गया।