कोरोना संक्रमण को देखते हुए हाईकोर्ट के निर्देश पर 26 मार्च को पुरसाड़ी कारागार से 10 कैदियों को छोड़ दिया गया था, लेकिन समय सीमा पूरी होने के बाद भी पांच सजायाफ्ता कारागार में नहीं लौटे हैं। कारागार प्रशासन ने चमोली और रुद्रप्रयाग के डीएम व पुलिस अधीक्षक से कैदियों को वापस बुलाने में मदद के लिए पत्र भेजा है।
कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए हाईकोर्ट के निर्देश पर पुरसाड़ी कारागार से 26 मार्च को सात साल से कम सजा वाले सजायाफ्ता बंदियों को छह माह की पैरोल के निर्देश दिए थे। न्यायालय के आदेशों के पालन में चमोली जिला कारागार से 10 कैदियों को पैरोल पर छोड़ा गया था, जिसमें से सात रुद्रप्रयाग जिले और तीन चमोली जिले के रहने वाले थे। दो अक्तूबर को पैरोल की समय सीमा समाप्त होने के बाद चमोली जिले से एक व रुद्रप्रयाग जिले से चार सजायाफ्ता जिला जेल नहीं लौटे हैं। जेलर प्रमोद कुमार पांडे ने बताया कि सजायाफ्ता कैदियों को वापस बुलाने के लिए रुद्रप्रयाग व चमोली जिला पुलिस प्रशासन को पत्र भेजा गया है।
वीडियो कांफ्रेंस के जरिए कर रहे बात
गोपेश्वर। कोरोना संक्रमण को देखते हुए पुरसाड़ी कारागार में सजा काट रहे कैदियों व विचाराधीन कैदियों की परिजनों से मुलाकात के लिए कारागार प्रशासन ने नई व्यवस्था शुरू की है। कैदियों की वीडियो कांफ्रेंस के जरिए परिजनों से बात करवाई जा रही है। परिजनों की संबंधित बंदियों से वार्ता की जानकारी भी एक दिन पहले दी जा रही है।