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सड़क के मलबे से मकान और पैदल रास्तों को पहुंचा नुकसान

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आपदा प्रभावित मोख-मल्ला गांव में ग्रामीणों की समस्याएं सुनते डीएम हिमांशु खुराना। - फोटो : GOPESHWAR
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जिलाधिकारी हिमांशु खुराना ने बृहस्पतिवार को नंदानगर के आपदा प्रभावित दूरस्थ गांव मोख मल्ला का पैदल भ्रमण किया। वे सड़क से करीब तीन किलोमीटर पैदल चलकर गांव पहुंचे और ग्रामीणों की समस्याएं भी सुनीं। ग्रामीणों ने बताया कि सड़क निर्माण में लगी कार्यदायी संस्था की लापरवाही के कारण मलबे से गांव के मकान, पैदल रास्ते आदि को नुकसान पहुंचा है। इस पर डीएम ने सड़क का एलाइनमेंट बदलने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
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इस दौरान ग्रामीणों ने धुर्मा-कुंडी सड़क के जगह-जगह क्षतिग्रस्त होने, धुर्मा गांव में सड़क के मलबे से मकान, पैदल रास्ता और कृषि भूमि को नुकसान के बारे में बताया। ग्रामीणों ने सड़क निर्माण में एनपीसीसी (नेशनल प्रोजेक्ट कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेश) पर लापरवाही का आरोप लगाया। डीएम ने एनपीसीसी के अधिकारियों को फटकार लगाते हुए सड़क निर्माण शीघ्र शुरू करने और भूस्खलन क्षेत्र में सड़क का एलाइमेंट बदलने के निर्देश दिए। बगड़ तोक में मोक्ष नदी के खतरे की शिकायत पर डीएम ने भूगर्भीय सर्वेक्षण कराकर जरूरी सुरक्षात्मक उपाय कराने की बात कही। इसके अलावा ग्रामीणों ने धुर्मा-मोखमल्ला क्षेत्र के बगड़ बस्ती, रिक्तोली, नचपाणी, पिंठाग तोक में पेयजल और मोख मल्ला-तल्ला में झूलते बिजली के तारों की समस्या भी रखी गई। इस दौरान 51 लोगों को कोविड की बूस्टर डोज भी लगाई गई।
इस दौरान संयुक्त मजिस्ट्रेट अभिनव शाह, एसीएमओ डा. एमएस खाती, जिला विकास अधिकारी सुमन राणा, लोनिवि के अधिशासी अभियंता सुदर्शन सिंह, नायब तहसीलदार राकेश देवली, बीडीओ रमेश चंद्र, मोख मल्ला के प्रधान राजेश तिवारी आदि मौजूद रहे।
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