गोपेश्वर/पोखरी/रुद्रप्रयाग। चमोली जिले में इस समय फसल पकने को तैयार है, लेकिन हर दिन हो रही मूसलाधार बारिश से किसानों के माथे पर चिंता की लकीर दिख रही है। यह बेमौसमी बारिश गेहूं और सरसों के लिए नुकसानदायक है।
चमोली जिले में अभी भी लोग बड़ी संख्या में खेती से जुड़े हैं, जिनमें अधिकांश की आजीविका इसी पर निर्भर है। अब इनकी आजीविका पर भी संकट बना है। वन्य जीव तो फसल बर्बाद करते ही हैं, लेकिन रात दिन खेतों की रखवाली करने के बाद जो फसल बची है उस पर अब मौसम की बेरुखी भारी पड़ रही है। पोखरी क्षेत्र के काश्तकार मोहन सिंह बर्त्वाल, पुष्कर सिंह बर्त्वाल, हर्षवर्द्धन राणा, मंगल सिंह राणा, गजेंद्र नेगी, मधुसूदन किमोठी, रमेश चौधरी, सत्येंद्र नेगी का कहना है कि फसल पकने की कगार पर है, लेकिन लगातार हो रही बारिश से फसल खराब होने लगी है। छह महीने की मेहनत पर पानी फिर गया है। यही स्थिति रही तो उनके सामने खाद्य संकट खड़ा हो सकता है।
रुद्रप्रयाग में एक सप्ताह से आए दिन दोपहर बाद बारिश और ओलावृष्टि से खेतीबाड़ी पर असर पड़ रहा है। मंगलवार को भी कई जगहों पर ओलावृष्टि हुई, जिससे रवि की फसलों को नुकसान पहुंचा।
कोट
मई तक भी यदि ऐसा ही मौसम रहा तो तब दिक्कत आ सकती है। यदि ओलावृष्टि व अत्यधिक बारिश होती है तो तब फसल चक्र बिगड़ जाएगा। - डा. जितेंद्र भास्कर, अपर जिला कृषि अधिकारी, चमोली।