श्री गुरु राम राय पब्लिक स्कूल का वार्षिकोत्सव रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डीएम विनोद कुमार सुमन ने दीप प्रज्जवलित कर किया।
कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना से की गई। बच्चों ने कान्हा, हनुमान, रावण, परी, सिंघम, सिपाही आदि कलाकारों का वेश धारण कर दर्शकों को मनमोह लिया। मधुवन में कन्हैया किसी से बात करे......, बेडों पाको बारामास..... आदि गीतों पर प्रस्तुति दी।
हिमाचली लोकगीत सरा झूमको लगयो, इन झुमको पयों.. और बाल कलाकारों ने कान्हां ने मारी मिस काल कि राधा बोले हैलो-हैलो... प्रस्तुत किए। ओ माय फ्रैंड गणेशा, तू रहना साथ हमेशा.. और छात्राओं की ओर से भेन्हा हैं बजारी भैना, मेरा चुड़ा अरसा चाखी जा..,पंजाबी गीत चीटे सूट पे दाग पेगये.. आदि गीतों पर शानदार प्रस्तुतियां दीं। ढम-ढम ढोल बाजे ढोल बाजे ढोल..., देश रंगीला रंगीला देश मेरा रंगीला... आदि नानस्टॉप गीतों पर छात्राओं ने दर्शकों को बांधे रखा। बेटी बचाओ, बेटी बढ़ाओ अभियान पर छात्र-छात्राओं ने नाटक प्रस्तुत किया। नवीं कक्षाओं की छात्राओं ने मेरी सुर्मा सरेला सुर्मा ऐजयीं...., मनमोहक प्रस्तुति दी।
म्यूजिक बजेगा लाउड, राधा नाचेगी.. प्रेम रतन धन पायों-पायों... आदि फिल्मी गीतों पर छात्र-छात्राओं ने हिप हॉप डांस किया। वार्षिकोत्सव खेलकूद के विजेता रमन हाउस सदन को ट्राफी दी गई और खेलकूद प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करने वाल छात्र-छात्राओं को पुरूस्कृत किया।
दसवीं में अव्वल स्थान प्राप्त करने वाले उज्जवल खंडूरी, अंशुल जोशी, शलिनी बिष्ट, शुभांशु अग्रवाल, पिंकी देवराड़ी आदि छात्र-छात्राओं को पुरूस्कृत किया गया। मेडिकल और इंजीनियरिंग परीक्षाओं में बेहतर स्थान प्राप्त करने वाले भूतपूर्व छात्र-छात्राओं को भी सम्मानित किया गया।
व्हाट्सऐप, फेसबुक से बच्चों को रखें दूर
डीएम विनोद कुमार सुमन ने स्कूल के प्राचार्य को निर्देशित करते हुए कहा कि वार्षिक परीक्षा से कम से कम तीन महीने पहले स्कूल में एक घंटे की अतिरिक्त कक्षाओं का संचालन किया जाना चाहिए। ताकि कमजोर बच्चों को पढ़ने का समय मिल सके।
उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को सोशल साइट व्हाट्सऐप, फेसबुक आदि से दूर रहने और बच्चों को पौष्टिक खाने का सेवन कराने की अपील की। मौके पर प्रधानाचार्य बीबी डोभाल, एसडीएम विवेक प्रकाश, राजेंद्र सगोई, पीटीए उपाध्यक्ष सुखदेव चौहान, अभिभावक सहित शिक्षक-शिक्षक मौजूद थे।