केंद्रीय विद्यालय संगठन का 52वां स्थापना दिवस केंद्रीय विद्यालय गौचर में धूमधाम से मनाया गया। छात्र-छात्राओं ने मंच पर गढ़वाली, कुमाऊंनी और अरुणांचली संस्कृति की छटा बिखेरी।
दीप प्रज्ज्वलन और सरस्वती के चित्र के अनावरण के साथ शुरू हुए केंद्रीय विद्यालय संगठन के स्थापना दिवस समारोह में प्रधानाचार्य सुकृति रैवानी ने कहा कि केंद्रीय विद्यालय का मुख्य उद्देश्य सैन्य परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापरक शिक्षा देना है।
उन्होंने छात्र-छात्राओं को जीवन में उच्च लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रोत्साहित किया। समारोह में विद्यालय की छात्राओं ने अरुणांचली संस्कृति पर आधारित लोकनृत्य और संगीत की धुन पर नागालैंड के बैंबू डांस की भव्य प्रस्तुति दी।
छात्र कलाकार देवाशीष ने गिटार की धुन पर दमादम मस्त कलंदर..., ठंडो रे ठंडो मेरो पहाड़ की ठंडी हवा..., जो जस देई दैणू ह्वे जैई... गीतों की सुमधुर प्रस्तुतियां दी। छात्र राहुल ने अपनी गायकी का जादू बिखेर कर सभी को भाव विभोर कर दिया।
वहीं कक्षा नौ की छात्रा रवीता ने केंद्रीय विद्यालय के उद्देश्यों और पृष्ठभूमि पर प्रकाश डाला। संगीत शिक्षिका कीर्ति शर्मा की ओर से आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम का संचालन डा. आरपी पाठक ने किया।