बंड विकास मेले की दूसरी सांस्कृतिक संध्या भूमियाल सांस्कृतिक कला मंच पीपलकोटी और रंत-रैबार कला मंच कर्णप्रयाग के कलाकारों के नाम रही।
गढ़वाली गायिका अंजू बिष्ट के ह्यूंद का दिन फिर बौड़ी ए गेनी गीत गाया। हाय ककड़ी झिल मां जैसे गीत की प्रस्तुति पर दर्शक झूम उठे।
सेमलडाला मैदान में पंच केदार सांस्कृतिक कला मंच पोखरी के कलाकारों ने एक के बाद एक गीतों की प्रस्तुति पर दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। जागर गायिका पवित्रा टम्टा ने बाडुली द्विंदों, हिली गे हांसुली, हुरणी को दिन, तोरणी पौंछी गे, नंदा तेरी जात, तों ऊंचा कैलासू मां जाली जैसे मनमोहक गीतों की प्रस्तुतियां दीं।
पवित्रा टम्टा ने अपने नए जागर हे पंचनाम तैंतीस करोड़ देवता तेरी जय हो की जैसी ही प्रस्तुति दी तो दर्शक पांडाल में ही नाचने लगे। जागर लेखक बहादुर सिंह भंडारी ने पवित्रा टम्टा को सम्मानित भी किया।
इस मौके पर संगठन के अध्यक्ष शंभू प्रसाद सती, गुड्डी कुंवर, रामेश्वरी राणा, बीना बिष्ट, मीना बिष्ट, सुंदर बंडवाल, बहादुर सिंह भंडारी, हुकम सिंह रावत, सतेंद्र नेगी, संजय फर्स्वाण, हरेंद्र पंवार, हरीश पुरोहित, गजेंद्र राणा, अयोध्या प्रसाद हटवाल, अब्बल सिंह नेगी, हरेंद्र पंवार और बृजलाल आदि मौजूद थे।
बिरही ने दिगोली को 2-0 से हराया
बंड मेले में स्व. पुरुषोत्तम हटवाल स्मृति वॉलीबाल प्रतियोगिता मंगलवार से शुरू हुई। प्रतियोगिता के पहले दिन 16 टीमों ने प्रतिभाग किया। पहले मैच में नव युवक मंगल दल बिरही ने युवक मंगल दल दिगोली को 2-0 से हराया। दूसरे मैच में पीपलकोटी की टीम ने गडोरा को 2-0 से हराकर अगले दौर में प्रवेश किया। नौरख की टीम ने लुहां को हराया। हाट ने महरगांव, बिरही ने भीड़ लग्गा गडोरा, बाटुला ने अगथला, पीपलकोटी ने रैतोली, नरगोली ने अगथला को पराजित कर अगले दौर में प्रवेश किया। प्रतियोगिता का शुभारंभ उपजिलाधिकारी रामजी शरण शर्मा ने किया। स्व. पुरुषोत्तम हटवाल बंड विकास संगठन के पूर्व महामंत्री थे।