एक सप्ताह से चल रहा बंड मेला रंगारंग कार्यक्रमों, गोष्ठियों और खेल प्रतियोगिताओं के साथ संपन्न हो गया है। मेले का समापन पूर्व विधायक महेंद्र भट्ट ने किया। उन्होंने कहा कि बंड मेला हमारी विरासत है। आगामी वर्ष से इस मेले को और अधिक भव्य रूप दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय समस्याओं को दूर करने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। वहीं, मेला समापन के दौरान कुमाऊंनी लोक गायिका खुशी जोशी और गोविंद दिगारी ने अपने गीतों से दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। इस दौरान यहां गढ़-कुमांऊ संस्कृति की अनोखी छठा देखने को मिली। कलाकारों की ओर से प्रस्तुत वृंदावन की फूलों की होली के मंचन ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं।
बंड मेले की अंतिम सांस्कृतिक संध्या हरियाली पर्यावरण समिति ढ़ाक तपोवन और बधाणी सांस्कृतिक कला संगम समिति थराली के कलाकारों के नाम रही। कलाकारों ने नंदा राजजात व जीतू बगड़वाल के गीतों की बेहद रोचक प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। हरियाली पर्यावरण समिति के लोक गायक दिगंबर सिंह बिष्ट की हे भाना बामणी व लोक गायक बुद्धि सिंह झिंकवाण ने जय बंड भूमियाल तेरी महिमा गीतों ने दर्शकों की जमकर तालियां बटोरी।
गायिका खुशी ने रंगीली बिंदी घाघरी काई, घास कटूलू इजा.., ओ भीना कसके जानू द्वारहटा...., द्यूरा मोहना तेरी ..जैसे गीतों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मेला समिति के अध्यक्ष शंभू प्रसाद सती ने बंड मेले के सफल संचालन के लिए जनप्रतिनिधियों व क्षेत्रीय जनता का आभार व्यक्त किया। इस मौके पर संगठन पूर्व अध्यक्ष अतुल शाह, जिला पंचायत सदस्य देवेंद्र नेगी, हरिदर्शन रावत, बिहारी लाल, रमेश लाल बंडवाल, अयोध्या हटवाल, गजेंद्र राणा, महावीर राणा, सुनैना देवी, सुरेंद्र सिंह नेगी, किशन सिंह पुंडीर आदि मौजूद थे।