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गोपेश्वर। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की जिला इकाई के कार्यकर्ताओं ने उत्तराखंड में लागू किए गए समान नागरिक संहिता (यूसीसी) की प्रतियां जलाईं और प्रदर्शन किया। वक्ताओं ने कहा कि यूसीसी न तो एकरूप है और न ही यह नागरिकों के हक में है। सही मायने में यह असमान नागरिक संहिता है। इस विधेयक का महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा से कोई लेना-देना नहीं है। इसका सबकुछ भाजपा और आरएसएस के संकीर्ण राजनीतिक एजेंडे से जुड़ा है। कहा कि अगर यह महिलाओं के लिए इतना ही हितैषी है तो आदिवासी महिलाओं को इससे बाहर क्यों रखा गया है। पार्टी वक्ताओं ने स्पष्ट तौर पर कहा कि यह एक प्रतिगामी कानून है जो महिलाओं के कई मौजूदा अधिकारों को छीन लेता है। इस मौके पर भूपाल सिंह रावत, ज्ञानेंद्र खंतवाल, गीता बिष्ट, सुमन नेगी, शिवानी, गजे सिंह बिष्ट, रणजीत सिंह बिष्ट, मदन मिश्रा आदि मौजूद रहे। संवाद