कोरोना योद्धा इस संकट की घड़ी में अपना दर्द भूलकर जरूरतमंदों की मदद में जुटे हैं। ऐसी ही कोरोना योद्धा हैं चमोली जिले की पूर्ति निरीक्षक शशिकला फरस्वाण। उनको चलने में बहुत दिक्कत है इसके बाद भी वह जरूरतमंदों तक राशन पहुंचा रही हैं।
दो साल पहले उनको पैरालाइज हुआ था। तीन माह बेड पर रहीं और आज कुछ बेहतर हैं, लेकिन ज्यादा चलने फिरने में अभी भी परेशानी होती है। मगर उन्हें खाद्य पैकेट वितरण का जो लक्ष्य मिला था उसे वह जिम्मेदारी से निभा रही हैं। उनका काम सुपरविजन का है। शशिकला को 6050 खाद्य पैकेट का लक्ष्य मिला जिसमें से अभी तक 5510 पैकेट जरूरतमंदों को भिजवा चुकी हैं। काम में किसी तरह की ढील न हो इसके लिए वह सुबह आठ बजे से दोपहर एक बजे तक काम करती हैं।