गोपेश्वर में रविवार को चौथे दिन भी पेयजल आपूर्ति ठप पड़ी रही। जल संस्थान ने भनाक और गंगोल गांव की पेयजल योजनाओं से मंदिर मार्ग, मुख्य बाजार, मुर्गी फार्म, कलक्ट्रेट परिसर में पेयजल आपूर्ति सुचारु करा दी है, लेकिन अभी तक करीब 500 पेयजल कनेक्शन सूखे पड़े हुए हैं, जिससे कड़ाके की ठंड में भी लोग प्राकृतिक जल स्रोतों पर निर्भर हैं।
मंडल घाटी में अमृत गंगा पेयजल लाइन के समीप एक निजी कंपनी ओएफसी लाइन बिछा रही है। बीती 12 जनवरी को बैरांगना में जेसीबी से खुदाई के दौरान पानी का पाइप फट गया, जिससे गोपेश्वर में 2200 पेयजल कनेक्शन पर पानी की आपूर्ति ठप पड़ गई थी।
रविवार को सुबह करीब नौ बजे जल संस्थान के कर्मचारियों ने कुछ मोहल्लों में गंगोल गांव और भनाक पेयजल योजना से पानी की आपूर्ति सुचारु कराई, जबकि अभी भी करीब पांच सौ पेयजल कनेक्शन पर सप्लाई शुरू नहीं हो पाई है। जल निगम और जल संस्थान के अधिकारी व कर्मचारी पेयजल लाइन को जोड़ने में लगे हुए हैं।
स्थानीय निवासी अरविंद, मनोज सिंह, सतेंद्र असवाल, लोकेश रावत, जयवीर सिंह और सुलोचना देवी का कहना है कि कड़ाके की ठंड में भी लोगों को पानी की आपूर्ति के लिए भटकना पड़ रहा है। जल निगम अमृत गंगा पेयजल योजना पर करोड़ों रुपये खर्च कर चुका है, लेकिन इस योजना का लोगों को सुचारु लाभ नहीं मिल पा रहा है। इधर, जल निगम के सहायक अभियंता अरुण सिंह का कहना है कि ओएफसी लाइन बिछाने के दौरान पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त हुई है।
ओएफसी लाइन बिछा रही कंपनी को नोटिस भेजा जाएगा। लाइन की मरम्मत पर जो भी खर्च आएगा, इसकी भरपाई संचार कंपनी करेगी। उन्होंने बताया कि रविवार को करीब 1700 कनेक्शन पर रविवार से पानी की सप्लाई शुरू हो गई है, जबकि अन्य कनेक्शन पर सोमवार तक पानी की आपूर्ति सुचारु कर दी जाएगी। लाइन का एक पाइप फट जाने से दिक्कत हुई है, जिसकी वेल्डिंग की जा रही है।
नारायणबगड़ विकास खंड के अंतर्गत पीएमजीएसवाई की 35 किमी रेंस-भटियाणा सड़क की हिल कटिंग से लोदला गांव में पिछले 16 दिनों से पेयजल आपूर्ति ठप पड़ी हुई है, जिससे इन दिनों पड़ रही कड़ाके की ठंड में भी ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। ग्रामीण करीब तीन किमी दूर गदेरे से स्वयं और मवेशियों के लिए पानी की आपूर्ति कर रहे हैं। इधर, जल संस्थान के अधिशासी अभियंता नरेंद्र पयाल का कहना है कि शीघ्र पेयजल लाइन का सुधारीकरण कार्य कर गांव में पेयजल आपूर्ति सुचारु कर दी जाएगी।