तहसील प्रशासन ने निर्माणाधीन सड़कों की जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मामले में शासन ने प्रशासन को निर्माणाधीन सभी सड़कों की गुणवत्ता की जांच करने और गुणवत्ता में सुधार लाने के निर्देश किए थे, जिसके तहत एसडीएम ने सिमली-शैलेश्वर मार्ग पर हो रहे डामरीकरण की जांच की।
सात अप्रैल को कर्णप्रयाग-नैनीसैंण मोटर मार्ग पर सुधार कार्य में निम्न गुणवत्ता की शिकायत और जांच में खराब डामर बिछाए जाने का मामला उजागर होने के बाद शासन ने सड़क निर्माण को गंभीरता से लिया।
एसडीएम विवेक प्रकाश ने बताया कि नैनीसैंण मोटर मार्ग की खराब गुणवत्ता की रिपोर्ट के बाद और अमर उजाला की ओर से आठ अप्रैल को अपणु पहाड़ में प्रकाशित खबर का संज्ञान लेने के बाद शासन से सभी निर्माणाधीन सड़कों की जांच करने के निर्देश हुए थे।
ग्रामीणों की शिकायत के बाद निर्माणाधीन सिमली-शैलेश्वर मोटर मार्ग की भी जांच की गई। एसडीएम ने कहा कि मौके पर डामर की गुणवत्ता ठीक पाई गई, लेकिन गांव के आस पास चौड़ी सड़क पर पूरा डामर करने के लिए कहा गया है ताकि ग्रामीणों को पार्किंग सुविधा मिल सके।
सड़क निर्माण से सेनू, कनोठ आदि गांवों के क्षतिग्रस्त पैदल मार्ग, पानी की टंकियों आदि की मरम्मत के लिए भी निर्देशित किया गया है। जल्द ही अन्य सड़कों की भी जांच की जाएगी।