अलकनंदा पर निर्माणाधीन 444 मेगावाट की विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना का निर्माण कर रही हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी के मजदूरों का आंदोलन सोमवार को भी जारी रहा। सोमवार को मुकेश लाल, रमेश चंद्र, बृजमोहन चमोला, अनिल सती और गोपाल सिंह क्रमिक अनशन पर डटे रहे। वहीं, कंपनी की ओर से बीस मजदूरों को बाहर का रास्ता दिखाने को लेकर भी मजदूरों में गुस्सा है।
कंपनी के मजदूरों का कहना है कि बीते माह प्रभावित ग्रामीणों ने मांगों को लेकर परियोजना का कार्य रोक लिया था। यह आंदोलन एक पखवाड़े तक चला, लेकिन कंपनी की ओर से मजदूरों के वेतन में कटौती कर दी गई।
मजदूरों ने किसी भी स्तर पर परियोजना निर्माण कार्य रुकने की स्थिति में भी मजदूरों को मेहनताने का भुगतान करने की मांग उठाई है। साथ ही प्रत्येक माह की दस तारीख तक वेतन भुगतान की मांग भी उठाई है।
यूनियन के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह का कहना है कि कंपनी प्रबंधन की ओर से मजदूरों से वार्ता करने के बजाय नौकरी से बाहर निकालने की धमकी दी जा रही है। चेतावनी दी कि मांगों पर कार्रवाई नहीं होने तक किसी भी सूरत में परियोजना का निर्माण कार्य शुरू नहीं किया जाएगा। इस मौके पर यूनियन के महासचिव सचिन भंडारी, रवींद्र भंडारी, रघुवीर सिंह और भरत सिंह कुंवर आदि मौजूद थे।