हाटकल्याड़ी की पांच माह की तनुजा की मौत के मामले में दूसरे दिन भी कुछ जनप्रतिनिधियों ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देवाल में हंगामा किया। हंगामे के कारण सुबह नौ से 11 बजे तक ओपीडी बंद रही, जिससे दूर-दराज के गांवों से इलाज कराने के लिए अस्पताल आए लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं जिला पंचायत सदस्य कृष्णा बिष्ट ने आरोप लगाया की तनुजा की मौत अस्पताल प्रशासन की लापरवाही से हुई है।
हाटकल्याड़ी गांव की तुनजा की तबियत खराब होने पर उसे रविवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, लेकिन अस्पताल बंद था। तनुजा को जब थराली अस्पताल ले जाने लगे तो उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। सोमवार को सुबह नौ बजे अस्पताल खुलते ही जिला पंचायत सदस्य कृष्णा बिष्ट के नेतृत्व में कुछ लोगों ने अस्पताल में पहुंचकर धरना-प्रदर्शन कर नारेबाजी की, जिससे 11 बजे तक मरीज अपना इलाज नहीं करवा पाए। प्रदर्शनकारियों और अस्पताल कर्मियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। जनप्रतिनिधियों ने अस्पताल बंद होने से तनुजा को इलाज नहीं मिल पाया। जिला पंचायत सदस्य ने अस्पताल की व्यवस्थाओं में शीघ्र सुधार न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। वहीं प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. मनोज कुमार ने बताया कि रविवार को अस्पताल बंद था और मरीज को अस्पताल लाने की कोई सूचना नहीं दी गई थी। अस्पताल में इमरजेंसी की व्यवस्था भी नहीं है। इस दौरान जितेंद्र सिंह, प्रताप राम और प्रमोद मिश्रा आदि मौजूद थे।