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सीएम ने आपदा से हुए नुकसान का जायजा लिया

Tue, 05 Jul 2016 10:36 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चमोली (गोपेश्वर)
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चमोली के आपदा प्रभावित घाट क्षेत्र में आपदा प्रभावितों की समस्याएं सुनते सीएम हरीश रावत। - फोटो : Amar Ujala
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मुख्यमंत्री हरीश रावत ने मंगलवार को आपदा प्रभावित घाट क्षेत्र में हुए नुकसान का जायजा लिया। क्षेत्र में एक भी क्षतिग्रस्त सड़क के अभी तक नहीं खुलने पर उन्होंने गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि क्षेत्र की सभी प्रमुख सड़कों और संपर्क मार्गों को प्राथमिकता देते हुए जल्द खोलें। पैदल रास्तों को मनरेगा के तहत बनाएं। बिजली और पानी की व्यवस्था भी जल्द बहाल की जाए।
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मुख्यमंत्री ने नंदाकिनी नदी के किनारे बसे लोगों से सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील की। साथ ही कहा कि ऐसे पात्र लोगों को प्रशासन की ओर से लीज की भूमि उपलब्ध कराकर मकान बनाने के लिए सरकारी मदद दी जाएगी। मुख्यमंत्री सुबह ग्यारह बजे कुरुड़ हेलीपैड पर उतरने के बाद कार से आपदा प्रभावित जाखणी गांव की तलहटी में पहुंचे। यहीं से उन्होंने रौड़ा गदेरे और नंदाकिनी नदी से हुई तबाही का जायजा लिया।

इसके बाद मुख्यमंत्री ने जाखणी बगड़ में मोटर साइकिल पर बैठकर ही जनता की समस्याएं सुनी। उन्होंने जिलाधिकारी विनोद कुमार सुमन को शीघ्र ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कें खुलवाने के निर्देश दिए। कहा कि अभी तक क्षेत्र में आशा के अनुरूप कार्य नहीं हुआ है। उन्होंने जाखणी गांव के 15 परिवारों को पशु हानि के मुआवजे के चेक भी बांटे। करीब आधे घंटे तक ग्रामीणों की समस्याएं सुनने के बाद मुख्यमंत्री घाट पुराना बाजार पहुंचे।
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यहां उन्होंने नंदाकिनी में बहे घूनी गांव के रामचंद्र और पोते योगेश्वर के परिजनों का हालचाल पूछा। उन्होंने यह भी कहा कि घाट और पिंडर क्षेत्र के विकास के लिए नंदाकिनी-पिंडर विकास प्राधिकरण का गठन कर दिया गया है। इस दौरान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय, थराली के विधायक डा. जीतराम, कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष सुखवीर रौतेला, जिला पंचायत सदस्य गुड्डू लाल आदि भी मौजूद थे।

सीएम के गांव तक नहीं पहुंचने से ग्रामीणों में मायूसी
घाट। मुख्यमंत्री हरीश रावत के आपदा प्रभावित जाखणी गांव नहीं पहुंचने से आपदा प्रभावितों में मायूसी रही। जिला पंचायत सदस्य गुड्डू लाल, प्रभावित अब्बल दास और बीरबल का कहना है कि जाखणी बगड़ से जाखणी गांव मात्र पांच सौ मीटर की दूरी पर है। गांव में रौड़ा गदेरे से भारी नुकसान पहुंचा है, लेकिन मुख्यमंत्री गांव की सीमा तक पहुंचे और यहीं से आपदा का जायजा लेकर चले गए।
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