सवारी और माल ढुलान के लिए पंजीकृत किए जाएं 1500 घोड़े-खच्चर
संचालकों ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
गोपेश्वर। वर्ष 2026 की केदारनाथ यात्रा के लिए चमोली जनपद के घोड़ा-खच्चर संचालकों ने यात्रा पंजीकरण करने की मांग उठाई है। उन्होंने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है। सामाजिक कार्यकर्ता भरत सिंह, राकेश सैंजवाल, प्रदीप बर्त्वाल आदि ने ज्ञापन में कहा कि घोड़ा संचालकों ने मुख्यमंत्री से जनपद से 1000 घोड़े-खच्चर सवारियों व 500 खच्चर माल ढुलान के लिए पंजीकृत कराने की मांग की है। कहा, इस वर्ष भी संचालक स्वरोजगार के लिए अपने घोड़े-खच्चरों के साथ यात्रा के लिए प्रस्थान करेंगे। इसके लिए रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन और पशुपालन विभाग की ओर से पंजीकरण कराया जा रहा है। कहा, पिछले तीन साल से रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन संचालकों का पंजीकरण नहीं करा रहा है जबकि प्रतिवर्ष संचालक प्रतिवर्ष अपने घोड़े-खच्चरों के साथ गौरीकुंड और सोनप्रयाग पहुंचते हैं। उन्हें इससे भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
घोड़े-खच्चरों की स्वास्थ्य जांच के लिए आयोजित होंगे शिविर
गोपेश्वर। आगामी केदारनाथ और हेमकुंड साहिब यात्रा के लिए पशुपालन विभाग घोड़े-खच्चरों की स्वास्थ्य जांच, पशुधन बीमा, ग्लैंडर्स व इक्वायन इंफ्ल्यूंजा रोग की निगरानी के लिए विभिन्न जगहों पर स्वास्थ्य शिविर आयोजित करेगा। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. असीम देव ने बताया कि शिविर 23 फरवरी से 12 मार्च तक आयोजित होंगे। ज्योतिर्मठ्र के अंतर्गत करछी, तुगासी व करछों में 23 से 26 फरवरी, थैंग में 27 फरवरी, चांई में एक मार्च, सलूड़-डुंगरा में छह मार्च, उर्गम व कलगोठ में सात मार्च, पल्ला जखोला में नौ मार्च, ईराणी में 23 फरवरी, पगना में 25, निजमुला में 26, सैंजी में 27, पीपलकोटी में एक मार्च, बिरही में 6 मार्च, मैठाणा में सात मार्च, कनोल में 23 फरवरी, पल्टिंगधार में 24, घूनी में 25, सितेल में 26, ल्वाणी में 27, पगना में एक मार्च, भेंटी में 6 मार्च, बांजबगड़ में 7 मार्च, सेरा में नौ मार्च, सेमा में 10 मार्च, कांडई में 11 मार्च व बूरा में 12 मार्च को स्वास्थ्य शिविर आयोजित होंगे। संवाद