सोल पट्टी के 15 से अधिक गांवों को जोड़ने वाला थराली-डुंगरी मार्ग दो सप्ताह से बंद
जरूरत का सामान लाने के लिए लगानी पड़ रही है दौड़
संवाद न्यूज एजेंसी
थराली। भूस्खलन के कारण थराली-डुंगरी मार्ग दो सप्ताह से प्राणमति, केरा और ढाढरबगड़ में बंद होने से सोल पट्टी के 15 से अधिक गांवों के ग्रामीणों को खाद्य सामग्री व जरूरत के सामान के लिए 20 किमी की पैदल दौड़ लगानी पड़ रही है। मार्ग बंद होने और गदेरे में पानी अधिक होने से बच्चे कई दिनों से स्कूल भी नहीं जा पा रहे हैं। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से इन क्षेत्रों में खाद्य व स्वास्थ्य सेवाओं की आपूर्ति की मांग की।
मार्ग बंद होने से डुंग्री, रूईसाण, रतगांव, बूंगा, बुरसोल, कोलपुड़ी, मटेना, केरा आदि गांवों के लोगों को चट्टानी मार्गों से होकर रोजमर्रा की वस्तुओं को खरीदने के लिए थराली आना पड़ रहा है। ग्रामीण सामान पीठ पर लादकर गांव तक पहुंचा रहे हैं। सबसे अधिक परेशान रतगांव के ग्रामीण हैं। यहां से आवागमन के लिए पैदल मार्ग भी नहीं बचा है और संपर्क सड़क एक माह पहले ही बंद हो चुका है। यहां के लोग जंगलों से होते हुए गदेरों को किसी तरह पार कर थराली बाजार पहुंच रहे हैं। रतगांव के प्रधान महिपाल सिंह, रणजीत सिंह, मोहन सिंह, सोल संघर्ष समिति के अध्यक्ष चरण सिंह, नवीन मिश्रा ने शासन-प्रशासन से इन क्षेत्रों में खाद्य व स्वास्थ्य सेवाओं की आपूर्ति की मांग की। वहीं पीएमजीएसवाई के सहायक अभियंता विरेंद्र भंडारी ने बताया कि सड़क खोलने के लिए दो जेसीबी लगाई गई हैं, लेकिन लगातार बारिश से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।