गैरसैंण। बाल प्रहरी शब्द लेखन कार्यशाला के तीसरे दिन बुधवार को मेरे सपनों का गैरसैंण विषय पर बच्चों ने निबंध लिखा। साथ ही चुटकले, पहेलियां, नुक्कड़ नाटक और दीवार पत्रिका भी बनाई। नगर पंचायत गैरसैंण, बाल पत्रिका बालप्रहरी एवं किताब कौथिग अभियान के संयुक्त तत्वावधान में राइंका में आयोजित कार्यशाला में 10 स्कूलों के 150 से अधिक छात्र छात्राएं प्रतिभाग कर रहे हैं। कार्यशाला के तीसरे दिन बच्चों ने समसामयिक विषयों पर नुक्कड़ नाटक किया। बच्चों ने शहर की मुख्य समस्याओं को भी लेख में रेखांकित किया। बालप्रहरी के संपादक उदय किरौला ने बच्चों को यात्रा वृत्तांत के बारे बताया। नुक्कड़ नाटक समूह में चयनित बच्चों को 10 मिनट में मोबाइल टन टना टन... के लिए संवाद तैयार किए। इस दौरान हेम पंत, साहित्यकार प्रकाश चंद्र पांडे, पूर्व प्रधानाचार्य बीएस बुटोला मौजूद रहे।