राजस्व ऋण वसूली के दौरान प्रशासन की ओर से व्यापारी से पहले चेक लेना और बाद में व्यापारी को लॉकअप में बंद करने का मामला प्रशासन के लिए मुसीबत बन सकता है।
बार संघ के अध्यक्ष रवींद्र पुजारी ने कहा यदि राजस्व वसूली के तहत प्रशासन ने चेक लिया तो चेक किस नाम से और किस खाते में जमा होता यह गंभीरता का विषय है।
उन्होंने कहा यदि चेक बाउंस हुआ तो नियमानुसार व्यापारी को चेक की राशि जमा करने के लिए तीस दिनों का नोटिस जारी किया जाना चाहिए था और जिसमें व्यापारी पर सक्षम न्यायालय में मामला चलता। न कि व्यापारी को लॉकअप में बंद किया जाना था।
गौचर भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष गजेंद्र नयाल, कर्णप्रयाग के ग्रामीण मंडल अध्यक्ष महिपाल नेगी, भाजपा के वरिष्ठ नेता टीका प्रसाद मैखुरी, प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश मंत्री ईश्वरी मैखुरी सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने कहा कि मामले में प्रशासन की इस उत्पीड़नात्मक कार्रवाई पर उच्चस्तरीय जांच की जानी चाहिए।
तहसील प्रशासन ने बृहस्पतिवार को गौचर के एक व्यापारी को राजस्व वसूली के तहत लॉकअप में बंद किया था। जबकि व्यापारी ने पूर्व में प्रशासन को करीब तीस हजार का चेक दिया था। इसके चलते शुक्रवार को गौचर बाजार बंद रहा और तहसील में प्रदर्शन हुआ।