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एनएसयूआई के छात्र का दाखिला निरस्त करने पर उग्र हुए छात्र, काॅलेज में भारी फोर्स तैनात
दिनभर चले बवाल के बाद कॉलेज प्रशासन ने चुनाव स्थगित करने का लिया निर्णय
संवाद न्यूज एजेंसी
गोपेश्वर। छात्रसंघ चुनाव के दौरान एनएसयूआई के छात्र का दाखिला निरस्त करने पर राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय गोपेश्वर में भारी बवाल हो गया। गुस्साए छात्रों ने प्राचार्य के कमरे में तोड़फोड़ की और प्राचार्य के चेहरे पर चोटें भी आईं। सूचना पर पहुंची पुलिस से भी छात्रों की तीखी बहस हुई। इन हालातों में कॉलेज प्रशासन ने छात्रसंघ चुनाव कराने पर असमर्थता जताई और चुनाव स्थगित करने की घोषणा कर दी। अब विवि के अग्रिम आदेशों तक कॉलेज में चुनाव नहीं होंगे। इसके बाद छात्र शांत हो गए। इस दौरान पूरे कॉलेज परिसर में भारी फोर्स तैनात कर छावनी में तब्दील कर दिया गया।
सोमवार को छात्रसंघ चुनाव के लिए नामांकन पत्रों की बिक्री होनी थी। इसी दौरान एनएसयूआई के किशन सिंह नामांकन पत्र लेने गए लेकिन उन्हें नामांकन पत्र देने से मना कर दिया गया। बताया कि उनका दाखिला श्रीदेव सुमन विवि ने रद्द कर दिया है। इससे आक्रोशित छात्र प्राचार्य कक्ष में चले गए और उनकी प्राचार्य के साथ बहस शुरू हो गई। गुस्साए छात्रों ने प्राचार्य की टेबल पर रखे कांच को पटककर तोड़ दिया। इससे प्राचार्य के चेहरे पर हल्की चोटें भी आई हैं। सूचना पर भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई। गोपेश्वर थानाध्यक्ष विनोद चौरसिया काॅलेज पहुंचे। इस दौरान छात्रों ने उन्हें नामांकन पत्र देने की मांग की। इसको लेकर वहां खूब हंगामा होता रहा। छात्रों की पुलिस से भी तीखी बहस हुई। हंगामा बढ़ता देख एडीएम विवेक प्रकाश, पुलिस उपाधीक्षक मदन सिंह भी कॉलेज में पहुंचे। कॉलेज के सभी प्राध्यापकों व अन्य स्टाफ ने ऐसी स्थिति में चुनाव कराने में असमर्थता जताई। इस पर कॉलेज प्रशासन ने छात्रसंघ चुनाव स्थगित करने का निर्णय लिया। अब विवि के अग्रिम आदेशों तक कॉलेज में चुनाव नहीं होंगे।
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क्या है मामला
- एनएसयूआई के छात्रसंघ अध्यक्ष के लिए दावेदारी कर रहे किशन सिंह ने एमए प्रथम सेमेस्टर में दाखिला लिया था। किशन बीए पांचवें सेमेस्टर में फेल हुआ था। दोबारा काॅपी जांचने पर उसे पास कर दिया गया था जिसके आधार पर उसने एमए में दाखिला लिया था। श्रीदेव सुमन विवि ने 20 सितंबर को किशन के दाखिले को निरस्त कर दिया और कारण बताया कि उत्तर पुस्तिका व मार्कशीट में टेंपरिंग (मार्कशीट में छेड़छाड़) की गई है जिसके चलते उसका पूर्व का परिणाम अनुत्तीर्ण ही मान्य होगा।
छात्र नेता बोले-दबाव में काम कर रहा विवि
- छात्र नेता किशन सिंह का आरोप है कि विवि सरकार के दबाव में काम कर रहा है। उसे छात्रसंघ चुनाव लड़ने से वंचित करने के लिए यह षडयंत्र रचा गया है। विवि ने ही उसको पास किया, मार्कशीट जारी की और उसने दाखिला लिया। उसके पास फीस रसीद है। प्राचार्य का दिया पत्र है जिसमें उसके दाखिले को वैध बताया गया है। अब अचानक उसका दाखिला छात्रसंघ चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद रद्द किया गया है।
कोट
- एक छात्र किशन सिंह को पूर्व में विवि ने उत्तीर्ण दिखाया था उसे लेकर विवाद हुआ। बाद में विवि ने रिजल्ट को लेकर जांच की, जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर विवि ने रिजल्ट पर आपत्ति जताते हुए इसे टेंपरिंग रिजल्ट बताया और उसे फेल माना गया। विवि के दिशानिर्देश पर कॉलेज ने किशन के प्रवेश को निरस्त कर दिया। 200 से 500 छात्रों ने कार्यालय को नुकसान पहुंचाया और अभद्रता की गई। प्रशासन के साथ चर्चा करते हुए उच्च निर्देशों तक चुनाव स्थगित कर दिया गया है। - प्रो. एमपी नगवाल, प्राचार्य पीजी कॉलेज गोपेश्वर।