गोपेश्वर महोत्सव में हिंदी गीतों की प्रस्तुति देती गायिका सोनिया आनंद।
- फोटो : Amar Ujala
व्यापार संघ की ओर से पुलिस मैदान में आयोजित कृषि, खादी, पर्यटन महोत्सव रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ संपन्न हो गया है। महोत्सव की अंतिम सांस्कृतिक संध्या में जागर गायिका बसंती बिष्ट, गायिका सोनिया आनंद, लोक गायक वीरेंद्र राजपूत और अंजू बिष्ट के गीतों की धूम रही।
सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ कृषि मंत्री राजेंद्र भंडारी ने किया। रविवार को रात्रि नौ बजे जागर गायिका बसंती बिष्ट ने मां नदा के जागर के साथ सांस्कृतिक संध्या का आगाज किया, जिसके बाद अंजू बिष्ट ने चंदना म्यारा पहाड़ ऐई... गायिका सोनिया आनंद ने सुन साहिबा सुन..., हाय कखडी झिलै मां..., बेडो पाको बारा मासा..., तूने ओ रंगिले कैसा जादू किया..., हम उत्तराखंडी छां... और घमा घमा हुडकी बाजी... जैसे गीतों की प्रस्तुति दी।
जिसके बाद वीरेंद्र राजपूत ने बखरयूं का तांता..., कालेज की छोरी हे... गीतों की प्रस्तुति देकर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। कार्यक्रम का शुभांरभ करते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि मेलों के आयोजनों की परंपरा उत्तराखंड में सदियों से चली आ रही है। सरकार द्वारा लोक परंपराओं को संरक्षित करते हुए मेलों के माध्यम से संस्कृति और विकास का समन्वय करने के प्रयास किये जा रहे हैं।
इस मौके पर बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति की उपाध्यक्ष रजनी भंडारी, व्यापार संघ अध्यक्ष अंकोला पुरोहित, ओम प्रकाश नेगी, आयुष चौहान, युद्धवीर बत्र्वाल, ओम प्रकाश नेगी, अनु कठैत, महेंद्र नेगी, कैलाश भट्ट, सुनील चौहान और अनूप रावत आदि मौजूद थे।