सहकारी बैंकों में 500 और 1000 के नोट न लेने के आरबीआई के आदेश को लेकर लोगों और सहकारी बैंक कर्मियों का गुस्सा मुखर होने लगा है। रविवार को चमोली जिले के गोपेश्वर में जिला सहकारी बैंक संचालकों और सदस्यों ने केंद्र सरकार और आरबीआई के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बैंक की मुख्य शाखा पर विरोध प्रदर्शन कर धरना दिया। कोटद्वार में सहकारी बैंक कर्मियों ने 22 को बैंक मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन और 25 नवंबर को सांकेतिक हड़ताल का ऐलान किया है।
गोपेश्वर। यहां जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष सत्येंद्र सिंह नेगी के नेतृत्व में बोर्ड के सभी संचालक और सदस्य मुख्य शाखा परिसर में इकट्ठा हुए। उन्होंने आरबीआई के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। वक्ताओं ने कहा कि यह फैसला बैंक के भविष्य को खतरे में डालने वाला है। पुराने नोट नहीं लेने की वजह से परेशान बैंक के खाताधारक दूसरे बैंकों का रुख करने लगे हैं। इस दौरान सुरेंद्र सिंह लिंगवाल, सुरेश डिमरी, राजेंद्र सिंह नेगी, जशोदा टोलिया, अरविंद नेगी, अन्नू कठैत, कमलेश गैरोला, पूरण फर्सवाण, भुवन नौटियाल, पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष प्रताप राम आदि मौजूद थे।
कोटद्वार। आल इंडिया कोआपरेटिव बैंक इंप्लाइज फेडरेशन के पदाधिकारियों की बैठक में वक्ताओं ने कहा कि सरकार के फैसले से बैंक तो प्रभावित हो रहा है, साथ ही आम जनता को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सरकार से इस फैसले को वापस लेने की मांग भी की जा चुकी है, लेकिन जनता के हितों की अनदेखी की जा रही है। फेडरेशन के महामंत्री वीरेंद्र पाल सिंह बिष्ट ने कहा कि सरकार के इस तुगलकी फरमान के विरोध में सहकारी बैंकों के कर्मचारी 22 नवंबर को बैंक मुख्यालय में धरना-प्रदर्शन करेंगे और 25 नवंबर को हड़ताल पर रहेंगे। दी है।
सहकारी बैंक के सवा लाख उपभोक्ता परेशान
गोपेश्वर। सहकारी बैंकों में एक हजार और पांच सौ के पुराने नोट न लिए जाने से चमोली और रुद्रप्रयाग जिले के सहकारी बैंक से जुड़े सवा लाख उपभोक्ता खासे परेशान हैं। चमोली जिला सहकारी बैंक की स्थापना वर्ष 1960 में ग्रामीण क्षेत्र के काश्तकारों और पशुपालकों को बैंकिंग से जोड़ने के लिये की गई थी। बैंक को सहकारी समितियों और मिनी बैंकों के आधार पर संचालित किया जा रहा है।
इधर, बैंक के सचिव औैर महाप्रबंधक मनोज कुमार का कहना है कि चमोली जिला सहकारी बैंक का संचालन रिजर्व बैंक के मानकों के अनुसार किया जा रहा है। ऐसे में बैंक के लेन-देन पर रोक लगाना समझ से परे है। लेन-देन पर रोक लगाए जाने से उपभोक्ताओं के साथ बैंक प्रबंधन को भी खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में उपभोक्ताओं अन्य बैंकों का रुख करने लगे हैं, जो सहकारिता के लिये शुभ संकेत नहीं हैं।
संचालक मंडल ने निंदा प्रस्ताव पारित किया
गोपेश्वर। चमोली जिला सहकारी बैंक संचालक मंडल ने आरबीआई की ओर से सहकारी बैंकों में पांच सौ और एक हजार के नोटों के लेन-देन पर रोक लगाने का पुरजोर विरोध किया है। बैंक की 56वीं वर्षगांठ के मौके पर आयोजित वार्षिक अधिवेशन में बैंक के संचालक मंडल ने इसके विरोध में निंदा प्रस्ताव पास किया और रोक को तत्काल प्रभाव से हटाने की मांग की।
बैंक मुख्यालय में संपन्न अधिवेशन का भुवन नौटियाल ने शुभारंभ किया। बैक के अध्यक्ष सतेंद्र सिंह नेगी ने बैंक की वार्षिक आख्या प्रस्तुत की। इस मौके पर बैंक के संस्थापक सदस्य सुरेंद्र लिंगवाल, बैंक सचिव मनोज कुमार, राजेंद्र नेगी, सुरेश डिमरी, कमलेश गैरोला, सबला लाल, महावीर सिंह, सुरेंद्र लाल और ओम प्रकाश नेगी आदि मौजूद थे।
बैंकों में नहीं पैसा, लोग परेशान
कर्णप्रयाग। नारायणबगड़ में पंजाब नेशनल बैंक में कैश न होने के चलते उपभोक्ताओं को न तो पैसा मिल रहा है और न ही 500 और 1000 के नोट बदले जा रहे हैं। वहीं कर्णप्रयाग और गौचर में बैंकों तथा एटीएम पर लंबी कतारें लगी रहीं। गौचर एसबीआई में लोगों ने लाइन पर नंबर लगाने के लिए चप्पलें कतार में लगाई और बारी के इंतजार में किनारे बैठे रहे। वहीं लंगासू, आदिबदरी सहित गैरसैंण में भी बैंकों से जरूरत की धनराशि उपभोक्ताओं को नहीं मिल पाई।
चरित्र प्रमाण पत्र के लिए नहीं लगा पा रहे चालान
कर्णप्रयाग। नोट बंदी का असर स्थानीय युवाओं पर भी पड़ रहा है। बैंकों में लंबी लाइनें लगी हैं, जिसके चलते चरित्र प्रमाणपत्रों के लिए लगने वाले बैैंक चालान नहीं लग पा रहे हैं। सिरण गांव के आशीष ने बताया कि 21 नवंबर को कोटद्वार में होने वाली सेना की भर्ती के लिए उन्हें चरित्र प्रमाण पत्र की आवश्यकता थी। पिछले एक सप्ताह से बैंक में लगने वाले बीस रुपये के चालान के लिए लाइन लगा रहे हैं, लेकिन चालान नहीं लगा। यही नहीं तहसील के जन सूचना केंद्र से मूल निवास प्रमाण पत्र भी नहीं मिला। समाज सेवी अरविंद चौहान व शिवचरण सिंह आदि ने कहा कि बैंकों में बढ़ती लाइनों से युवाओं को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई युवा बिना चरित्र प्रमाण पत्र के लिए भर्ती के लिए गए हैं।
डाकघर में सैनिकों के लिए खुला अलग काउंटर
जोशीमठ (ब्यूरो)। जोशीमठ के मुख्य डाकघर में अब सेना के जवानों और उनके आश्रितों को नोट बदलने के लिए लाइन में खड़ा नहीं होना पड़ेगा। उत्तराखंड डाक परिमंडल के चीफ पोस्ट मास्टर जनरल उदय कृष्ण ने यहां मुख्य डाकघर में सेना के जवानों और उनके परिजनों के लिए विशेष नगदी परिवर्तन काउंटर का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि सैनिकों और उनके परिजनों को इस सुविधा का लाभ मिलेगा। शीघ्र ही अन्य डाकघरों में भी सेना के लिए अलग से नगदी काउंटर खोले जाएंगे। चीफ पोस्ट मास्टर जनरल ने डाकघर परिसर में पौधरोपण भी किया। इस मौके पर डाक अधीक्षक डीएस परमार, डाक निरीक्षक शत्रुघ्न गुप्ता, जगदीश रावत आदि मौजूद थे।
एटीएम पर लंबी लाइनें
कर्णप्रयाग। यहां रविवार को बैंकों की छुट्टी होने और मुख्य बाजार में मात्र एक एटीएम में ही पैसा होने से वहां लंबी लाइनें लगी रही। मुख्य बाजार में पंजाब नेशनल बैंक, भारतीय स्टेट बैंक और यूनियन बैंक के एटीएम हैं। रविवार को छुट्टी के दिन लोगों को पैसे निकालने के लिए केवल एटीएम का सहारा था, लेकिन पीएनबी और एसबीआई के एटीएम बंद रहे। केवल यूनियन बैंक से ही लोगों को पैसा मिला। दैनिक जरूरत के लिए पैसा निकालने के लिए लोगों को एक से तीन घंटे तक लाइन में लगना पड़ा।
पेट्रोल पंप में भी नहीं चल रहे पुराने नोट
पौड़ी/पाबौ (ब्यूरो)। जिले के पाबौ विकासखंड में डीजल और पेट्रोल पंपों पर भी पांच सौ और एक हजार के नोट नहीं लिए जा रहे हैं। पंप संचालक योगंबर गुसाई ने बताया कि उनका खाता जिला सहकारी बैंक पाबौ में है। बैंक में खाताधारकों से पांच सौ और एक हजार रुपये के नोट लिए जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है, लिहाजा वह यह नोट ले पा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को कई किलोमीटर दूर पाबौ जिला सहकारी बैंक आने के बाद खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।