जोशीमठ में बारिश के बाद कई जगहों पर आई नई दरारों का सीबीआरआई (केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान) की टीम निरीक्षण करेगी। जिलाधिकारी हिमांशु खुराना ने संबंधित अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश दिए हैं।
बृहस्पतिवार को वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने जोशीमठ में हुए भू-धंसाव के बाद विभिन्न विभागों के के कार्यों की समीक्षा की। डीएम ने सीबीआरआई के अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर भू-धंसाव से प्रभावित भवनों की रेट्रोफिटिंग एवं नृसिंह मंदिर मोटर मार्ग के सुधारीकरण के लिए शीघ्र डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए। कहा कि सीएचसी जोशीमठ के प्री-फैब्रिकेटेड भवन निर्माण के लिए भूमि का चयन व डिग्री कॉलेज जोशीमठ के क्षतिग्रस्त भवन के निर्माण की त्वरित कार्रवाई की जाए। इस मौके पर डिप्टी सीएमओ डॉ. एमएस खाती, लोनिवि के ईई आरएस चौहान, ग्रामीण निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता अला दिया, जल निगम के ईई वीके जैन, सिंचाई विभाग के ईई अरविंद सिंह नेगी, जिला शिक्षा अधिकारी डीएस रावत, जल संस्थान के ईई एसके श्रीवास्तव, जिला पर्यटन अधिकारी एसएस राणा, आपदा प्रबंधन अधिकारी एनके जोशी आदि मौजूद रहे।
ये भी दिए निर्देश
पर्यटन विभाग को पर्यटन व्यवसायियों से सुझाव लेते हुए पर्यटक सुविधा केंद्रों के लिए भूमि चयन करने, क्षतिग्रस्त रोपवे का काम शुरू करने के लिए शासन से समन्वय करने, शिक्षा विभाग को जोशीमठ में निर्मित होने वाले नए विद्यालय भवनों के लिए भूमि चिह्नित करने, जल संस्थान को नई पेयजल योजना के लिए टेंडर की कार्रवाई करने तथा जल निगम को जोशीमठ नगर पालिका के सभी वार्डों में सीवर लाइन व ड्रेनेज सिस्टम की कार्ययोजना और डीपीआर बनाने के लिए कंसल्टेंट का चयन करने के निर्देश दिए हैं। सिंचाई विभाग के अधिकारियों को टीएचडीसी से समन्वय करते हुए जोशीमठ क्षेत्र में अलकनंदा नदी के तट पर सुरक्षा दीवार बनाने के लिए डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए।