गैरसैंण में गर्भवती महिला की मौत पर प्रदर्शन करते लोग।
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सीएचसी गैरसैंण में हुई गर्भवती महिला की मौत से आक्रोशित लोगों ने प्रदर्शन कर अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव है, जिससे लोगों को समय पर सही इलाज नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने दोषी स्वास्थ्य कर्मियों को दंडित करने, पीड़ित परिवार को 50 लाख का मुआवजा देने व मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
कंडारीखोड़ गांव की 21 वर्षीय एक महिला 17 अगस्त को प्रसव के लिए सीएचसी गैरसैंण में भर्ती हुई थी। 18 अगस्त को उसकी मृत्यु हो गई थी। इससे गुस्साए लोगों ने लचर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के विरोध में प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि सामान्य अवस्था में भर्ती हुई महिला की अचानक मृत्यु होना अस्पताल प्रशासन की लापरवाही को दर्शाता है। उन्होंने गैरसैंण अस्पताल को संसाधन युक्त बनाने की समेत कई मांगों को लेकर सीएम को ज्ञापन भेजा। कहा कि पीड़ित पक्ष को न्याय नहीं मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा। एसडीएम कौस्तुभ मिश्र ने प्रदर्शनकारियों को निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। प्रदर्शन करने वालों में भाजपा मंडल अध्यक्ष महावीर रावत, कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष केएस बिष्ट, कांग्रेस नगर अध्यक्ष सुरेंद्र बिष्ट, खनसर विकास संघर्ष समिति अध्यक्ष नारायण बिष्ट, जिपंस अवतार पुंडीर, अनिल अग्रवाल, ब्लाक प्रधान संगठन अध्यक्ष पान सिंह नेगी, राज्य आंदोलनकारी धूमा देवी, प्रदेश सचिव गोवर्द्धन बरमोला, व्यापारी समेत दिवागाड, पंचाली, परवाड़ी, कलचुंडा गांव के लोग शामिल थे।