फोटो
गोपेश्वर। मासौं गांव के प्राचीन शिवालय में इन दिनों शिव महापुराण कथा का आयोजन किया जा रहा है। शुक्रवार को कथावाचक आचार्य राहुल कृष्ण उनियाल ने सनातन धर्म की रक्षा के लिए सभी से आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने देवी सती के बारे में भी बताया। कहा कि भगवान शिव की पत्नी सती हमेशा शिव के प्रति समर्पित रहीं। भगवान शिव के सम्मान को बनाए रखने के लिए उन्होंने यज्ञ में अपनी देह त्याग दी थी। सती ने जब देह त्याग किया तो उनके शरीर से 52 सिद्धपीठ उत्पन्न हुए। इस मौके पर आचार्य जनार्दन सती, जगदंबा प्रसाद, अजय, अंकित, दीपक, अरविंद थपलियाल, साध्वी कृष्णा भारती, कमला गिरी, पूर्व ग्राम प्रधान तेजवीर कंडेरी, शशि, महावीर सजवाण आदि मौजूद रहे। संवाद