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जनाक्रोश के बाद प्रभारी तहसीलदार को किया अटैच, व्यापारी रिहा

Fri, 08 Jan 2016 09:14 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,चमोली
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ऋण वसूली में प्रभारी तहसीलदार के व्यापारी को थप्पड़ जड़ने और जबरन दुकान से उठाकर लॉकअप में बंद करने की कार्रवाई से शुक्रवार को गौचर-कर्णप्रयाग में खासा बवाल खड़ा हो गया।
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आक्रोशित व्यापारियों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने पांच घंटे तक तहसील का घेराव कर वहां तालाबंदी। गौचर में ब्लाक मुख्यालय का घेराव कर तालाबंदी की गई।

प्रभारी तहसीलदार को जिला मुुख्यालय अटैच किए जाने और लॉकअप में बंद व्यापारी की रिहाई के बाद ही लोग शांत हुए। घटना के विरोध में गौचर के बाजार सुबह से बंद रहे। लोगों को चाय, दूध सहित अन्य जरूरी सामान के लिए भी तरसना पड़ा।
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 शुक्रवार को गौचर व्यापार संघ अध्यक्ष ताजबर सिंह भंडारी के नेतृत्व में व्यापारी और जनप्रतिनिधियों ने बाजार बंद कर तहसीलदार के खिलाफ रैली निकालकर प्रदर्शन किया। गौचर और कर्णप्रयाग व्यापार संघ, जिला उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधियों के नेतृत्व में सैकड़ों व्यापारी तहसील पहुंचे और तहसीलदार को अविलंब हटाने, व्यापारी की रिहाई करने के साथ मारपीट के आरोप में कार्रवाई करने और व्यापारी से माफी मांगने की मांग की।

जनसभा में गौचर व्यापार संघ अध्यक्ष ताजबर सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष मुकेश नेगी, कर्णप्रयाग के हरीश सती, राजा चौहान, महामंत्री बृजेश बिष्ट, वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष राकेश डिमरी आदि ने विचार रखे।

करीब दो बजे एसडीएम सदर रामजी शरण शर्मा तहसील पहुंचे और व्यापारी को समझाने की कोशिश की, लेकिन व्यापारी नहीं माने और तहसीलदार को हटाने की मांग पर अड़े रहे। करीब सवा पांच बजे प्रभारी जिलाधिकारी की ओर से प्रभारी तहसीलदार सुशीला कोठियाल को जिला मुुख्यालय अटैच करने का आदेश आया, जिसके बाद व्यापारी माने।

इस दौरान जयकृत बिष्ट, कर्णप्रयाग के सुभाष गैरोला, टीका प्रसाद मैखुरी, देवेंद्र सिंह नेगी, संजय रावत, सुनील पंवार, विजय डिमरी, देवराज रावत, प्रधान संघ के खिलदेव  सिंह, सुमन प्रसाद डिमरी, क्षेत्र पंचायत सदस्य महिपाल नेगी, जिला पंचायत सदस्य गायत्री देवी आदि मौजूद थे।

ये था मामला
बृहस्पतिवार देर शाम प्रभारी तहसीलदार सुशीला कोठियाल ऋण वसूली के लिए बकाएदारों की धरपकड़ के लिए निकली थी। आरोप है कि इस दौरान गौचर में जूते की दुकान चलाने वाले एक दुकानदार से ऋण की रकम जमा करने के लिए तहसीलदार ने कहा।

बताया जा रहा है कि व्यापारी को करीब एक लाख से अधिक की रकम अदा करनी है और एक साल पहले तहसील के पास ऋण वसूली के आदेश हैं। आरोप है कि नोकझोंक होने पर तहसीलदार ने व्यापारी को थप्पड़ जड़ने के साथ ही उसेलॉकअप में बंद कर दिया।
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