हिमाच्छादित पर्वत चोटियों की तलहटी में फैले बुग्यालों का सैर-सपाटा करने के बाद निजमूला घाटी के युवा गांव लौट आए हैं। युवाओं का कहना है कि लॉकडाउन के बाद से पर्यटन स्थल सूने पड़े हुए हैं। पाणा और ईराणी गांव के युवा कान सिंह बिष्ट, हिम्मत सिंह फरस्वाण और मोहन सिंह नेगी का कहना है कि 29 अगस्त को वे लार्ड कर्जन रोड, पाणा-सारतोली-क्वांरीपास, पंगरचुला ट्रैक, कल्योगाड़ी-सप्तकुंड-देवांगन ट्रैक पर सुदूर बुग्याल क्षेत्रों तक पहुंचे। गत वर्षों तक इन ट्रैकों पर सैकड़ों पर्यटकों की आवाजाही रहती थी, लेकिन इस बार इन जगहों पर सन्नाटा पसरा हुआ है। कान सिंह बिष्ट का कहना है कि ग्वालदम से निकलने वाली लार्ड कर्जन रोड चमोली जिले के कई क्षेत्रों को जोड़ती है।