देवाल के बोरागाड़ में आवागमन के लिए प्रयोग की जा रही लकड़ी की अस्थायी पुलिया।
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देवाल विकासखंड में साढ़े तीन साल बाद आखिरकार पैदल आवाजाही के लिए छह करोड़ से पुल का निर्माण शुरू हो गया है। पुल निर्माण से चमोली के 10 से अधिक गांवों के साथ ही जिले की सीमा से लगे कुमाऊं के गांवों को लाभ मिलेगा। अब तक ग्रामीण यहां ट्राली और लकड़ी की अस्थायी पुलिया के सहारे आवाजाही करते थे।
जून 2013 की बाढ़ में पिंडर नदी पर बोरागाड़ का झूला पुल बह गया था, जिससे बोरागाड़ बाजार से ओडर, लिंगड़ी, ऊड़ीबगड़, कफलखेत, बंजई सहित आस पास के दस से अधिक गांवों का संपर्क कट गया था। करीब छह माह बाद विभाग ने यहां हस्तचालित ट्राली लगाई, लेकिन आए दिन खराबी और लोगों के चोटिल होने से विभाग ने एक साल पूर्व स्वचालित ट्राली लगाई थी।
करीब 32 लाख में लगी ट्राली भी अक्सर खराब रहने यहां लोगों ने बरसात के बाद लकड़ी की अस्थायी पुलिया बनाकर आवाजाही शुरू की थी। निर्माणदायी विभाग विश्व बैंक डिवीजन के अधिशासी अभियंता मनोज भट्ट का कहना है कि बोरागाड़ में करीब 6 करोड़ से झूला पुल का निर्माण शुरू कर दिया गया है। जल्द ही यहां पुल निर्माण का काम पूरा कर लिया जाएगा।