चमोली जिला इन दिनों पिछड़ा क्षेत्र की मांग को लेकर उबल रहा है। बीते 22 दिन से जहां जोशीमठ को पिछड़े क्षेत्र में शामिल किए जाने की मांग को लेकर जनता आंदोलनरत है, वहीं, अब संपूर्ण जनपद को पिछड़ा क्षेत्र घोषित किए जाने की मांग पर जिला मुख्यालय पर भी आंदोलन शुरू हो गया है।
मंगलवार को जोशीमठ में उर्गम घाटी के पल्ला जखोला और ल्यारी-थैंणा गांव के ग्रामीणों ने ओबीसी में शामिल करने की मांग पर नगर में जुलूस - प्रदर्शन किया। करीब एक घंटे तक नगर में जुलूस निकालने के बाद तहसील परिसर में ग्रामीणों ने धरना दिया।
पैनखंडा संघर्ष समिति के अध्यक्ष रमेश सती और पल्ला जखोला के प्रधान मनवर सिंह रावत ने कहा कि चमोली डीएम ने भी शासन को सौंपी रिपोर्ट में जोशीमठ ब्लॉक ओबीसी के लिए मानक पूरे करने की बात कही है। बावजूद इसके सरकार की ओर से कोई कार्रवाई अभी तक नहीं की गई है। इस मौके पर ल्यारी-थैंणा की प्रधान नर्वदा पंवार, बौंणी देवी, पुष्पा देवी, जशोदा देवी, चंद्री देवी, देवेंद्र सिंह रावत, सैन सिंह, वीरेंद्र लाल आदि मौजूद थे।
योगेंद्र और रविंद्र ने किया क्रमिक उपवास
चमोली जनपद के सभी नौ ब्लॉक के 615 गांवों को ओबीसी में शामिल किए जाने की मांग को लेकर संयुक्त युवा मंच के कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में क्रमिक उपवास शुरू कर दिया है। पहले दिन योगेंद्र बत्र्वाल और रविंद्र सिंह ने उपवास शुरू किया। इस मौके पर संतोष नेगी, संदीप नेगी, राकेश बासकंडी, सुरेंद्र भंडारी, जयपाल रावत, रघुनाथ बिष्ट, भीम सिंह, लक्ष्मण सिंह, चरण सिंह, आदि मौजूद थे।