मैठाणा में आयोजित पांच दिवसीय अलकनंदा पर्यटन सांस्कृतिक एवं कृषि मेला सोमवार को रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ शुरू हुआ। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने मेले का शुभारंभ किया। सीएम ने कहा कि राज्य और काश्तकारों की तरक्की के लिए कृषि और हस्तशिल्प बेहतर जरिया है। आगे भी राज्य की सेवा करने का मौका मिला तो वह दिन दूर नहीं जब उत्तराखंड देश के सर्वोच्च राज्य में शुमार होगा।
सीएम ने कहा कि राष्ट्रपति भवन के मीनू में पहाड़ का अनाज जगह बना चुका है। अब उत्तराखंड को दस्तकारी और कृषि से स्वरोजगार कर राज्य के विकास में योगदान देना होगा। उन्होंने कृषि मंत्री राजेंद्र भंडारी से राज्य की फसलों का समय पर समर्थन मूल्य घोषित करने के लिए कहा।
उन्होंने संयुक्त खेती करने वाले स्वयं सहायता समूहों को एक लाख की अनुदान राशि देने, जल संरक्षण के लिए चाल-खाल बनाने पर बोनस देने, महिला सशक्तिकरण का कार्य करने पर बोनस सुविधा शीघ्र देने की बात कही।
सरकारी विद्यालयों की दशा सुधारने के लिए सभी अधिकारियों को विद्यालयों में जाकर छात्रों से वार्ता कर विद्यालयों में हो रही दिक्कतों को दूर करने निर्देश दिए गए। इस मौके पर कृषि मंत्री राजेंद्र भंडारी, थराली विधायक प्रोफेसर. जीतराम, ब्लॉक प्रमुख प्रमिला सजवाण, जिला पंचायत सदस्य ऊषा रावत, पालिकाध्यक्ष संदीप रावत, चंडी थपलियाल, कमल किशोर सती, राकेश खनेडा, सतेंद्र नेगी और अरविंद नेगी आदि मौजूद थे।
सीएम ने की ये घोषणाएं
- 10 किमी ब्यारा-तड़ागताल-पठेला मोटर मार्ग निर्माण की स्वीकृति।
- पीजी कॉलेज गोपेश्वर के छात्रावासों के सुधारीकरण के लिए एक करोड़ की धनराशि स्वीकृत।
- हाईस्कूल मैठाणा का इंटर स्तर पर उच्चीकरण।
- अलकनंदा पर्यटन, सांस्कृतिक एवं कृषि मेले के संचालन के लिए एक लाख की स्वीकृति।
वित्त मंत्री जेटली के बयान पर ली चुटकी
सीएम हरीश रावत ने वित्त मंत्री अरुण जेटली के उत्तराखंड में वर्तमान सरकार के भ्रष्ट होने के बयान पर पलटवार कर कहा कि जेटली आत्मकथा जरूर लिखें और आत्मकथा में उत्तराखंड राज्य को गिराने के लिए केंद्र की ओर से किए गए षड्यंत्र का भी जरूर जिक्र करें। उन्होंने कहा कि उनका सपना राज्य को मॉडल स्टेट बनाना है।