कर्णप्रयाग। सिमली औद्योगिक परिक्षेत्र में खादी ग्रामोद्योग आयोग की ओर से मौन पालन केंद्र खोला गया था मगर इस पर करीब सात साल से ताला लटका है। अब यहां न मधुमक्खियों का पता है न शहद का। केंद्र में मशीनें अब जंक खा रही हैं।
औद्योगिक परिक्षेत्र सिमली में मौन पालन केंद्र खोलने के लिए खादी ग्रामोद्योग आयोग को लगभग 2000 वर्ग मीटर भूमि आवंटित की गई थी। वर्ष 2010 में यहां केंद्र खोला गया। यहां आयोग ने डेढ़ दशक पूर्व शहद उत्पादन के लिए लाखों की लागत की मशीनें और कई मधुमक्खी पालन के लिए पेटी रखकर शहद का उत्पादन किया था। मगर अब यहां करीब सात साल से ताला लटका है। पूर्व जिला पंचायत सदस्य सुरेश डिमरी, पूर्व प्रधान सावित्री देवी ने बताया कि सिमली में सिडकुल और उद्योग विभाग ने जिस उद्देश्य के लिए भूमि का आवंंटन किया है उसके अनुरूप कार्य नहीं हो पा रहा है। सिडकुल के क्षेत्रीय प्रबंधक गिरधर सिंह रावत ने बताया कि सिमली में उद्योगों की स्थापना के लिए आवंटित भूमि को चिह्नित किया जा रहा है। मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाने पर उन उद्यमियों की आवंटित भूमि को निरस्त किया जाएगा। संवाद