क्षेत्र में आए दिन हो रहे भालू के हमले से ग्रामीण दहशत में हैं। महिलाएं भालू के डर से जंगल और खेतों में हरी घास लेने के लिए जाने में भी कतरा रही हैं। बंड क्षेत्र के गांवों के साथ ही जोशीमठ और घाट क्षेत्र के गांवों में भालू की सक्रियता बनी हुई है। वन विभाग की ओर से भालू को जंगल की ओर खदेड़ने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश है।
स्यूंण गांव में रविवार को खेतों में घास लेने गई महिला की भालू के हमले के दौरान गहरी खाई में गिरने से मौत हो गई थी। हालांकि जिले में इस वर्ष की यह पहली घटना है लेकिन अभी तक भालू दस से अधिक लोगों पर हमला कर चुका है। पीपलकोटी क्षेत्र के हाट, जैशाल, मठ, बेमरु, झड़ेता, गुनियाला, सुरिंडा, लुदाऊं, बजनी, कांडा, कुड़खेत, लुहां, दिगोली, सल्ला, रैतोली, किरुली और कम्यार गांवों में भालू की दहशत बनी है। स्यूंण गांव के ग्रामीणों का कहना है कि खेतों में दिन में भी तीन भालूओं का झुंड घूमता दिख रहा है, जिससे महिलाएं जंगल और खेतों में घास लेने के लिए भी नहीं जा पा रही हैं। बैमरु गांव के पूर्व प्रधान रविंद्र सिंह, स्यूण गांव के भरत राणा, प्रकाश पंवार, हरीश राणा, दिलवर लाल और सुरेंद्र लाल का कहना है कि क्षेत्र में भालू अभी तक दस से अधिक मवेशियों को भी मार चुका है। वन विभाग के अधिकारियों से शिकायत करने पर भी इस ओर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। वहीं ग्राम पंचायत कुमजुग में भी भालू के आतंक से ग्रामीण परेशान हैं।
इंसेट
पीपलकोटी क्षेत्र के गांवों में भालू की सक्रियता की सूचना मिली है। क्षेत्र में लंबी दूरी की गश्त के लिए वन कर्मियों की दो टीमें गठित की गई हैं। यदि जरूरत पड़ी तो क्षेत्र में पिंजरा लगाया जाएगा। - - अमित कंवर, डीएफओ, केदारनाथ वन प्रभाग, गोपेश्वर।
कर्णप्रयाग और आदिबदरी में गुलदार और भालू की दहशत
कर्णप्रयाग/आदिबदरी। तहसील कर्णप्रयाग व आदिबदरी के ग्रामीण क्षेत्रों में गुलदार और भालू की दहशत बनी है। ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों से जंगली जानवरों को पकड़ने के लिए गांवों में पिंजरा लगाने की मांग की है।
मदन नेगी, नरेंद्र चाकर, महेश खंडूड़ी, ईश्वरी मैखुरी, विनोद डिमरी, भगवती खंडूड़ी, मनोज प्रसाद, सुरेश, रमेश, वीरेंद्र, सुरेंद्र, हरीश, दिनेश थपलियाल आदि ग्रामीणों ने कहा कि नौटी, नैणी, माथर, मलेठी, नंदासैंण, कफलोड़ी, जसपुर, डुंग्री आदि गांवों में गुलदार व भालू दिन रात गांवों में दिखाई दे रहे हैं। लोग जानवरों के डर से जलस्रोत से पीने का पानी लेने के लिए भी नहीं जा पा रहे हैं। आदिबदरी में जुलगढ़, नौना, पंया, आली, मजियाड़ी, प्यूंरा, पज्याणा, खेती, खेतगधेरा, दिवालीखाल, बेड़ी आदि गांवों में गुलदार की धमक बनी है। वन विभाग के रेंजर प्रदीप गौड़ ने कहा कि विभाग ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए सतर्क है। नौटी के माथर क्षेत्र में वन विभाग के कर्मचारी रात में गश्त कर रहे हैं।