क्षेत्र पंचायत दशोली की त्रैमासिक बैठक (बीडीसी) हंगामे की भेंट चढ़ गई। बैठक शुरू ही हुई थी कि ग्राम प्रधानों ने मनरेगा कार्यों के भुगतान की मांग को लेकर सदन में हल्ला शुरू कर दिया।
शुरुआत में ही प्रधानगणों ने प्रस्ताव पारित किया कि जब तक मनरेगा कार्यों का भुगतान नहीं किया जाएगा तब तक न तो ग्राम पंचायतों में मनरेगा कार्य किए जाएंगे और न ही क्षेत्र पंचायत की बैठकों को चलने दिया जाएगा। प्रस्ताव सदन में रखने के बाद शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रधानगण बाहर आ गए।
मंगलवार सुबह 11 बजे ब्लॉक प्रमुख प्रमिला सजवाण की अध्यक्षता में ब्लॉक सभागार में बैठक शुरू हुई। सदन में पहुंचते ही प्रधानगणों ने बीडीओ से पूछा कि वर्ष 2014 से मनरेगा श्रमिकों का मेहनताना ब्लॉक को मिला कि नहीं, इस पर बीडीओ बगलें झांकने लगे और प्रधानों को शीघ्र मेहनताना दिए जाने का आश्वासन देने लगे।
इस पर प्रधानों ने सदन में ही नारेबाजी शुरू कर दी। प्रधान संगठन के अध्यक्ष रविंद्र सिंह ने सदन में प्रस्ताव रखा कि मनरेगा का भुगतान नहीं देने पर बीडीसी बैठक शुरू नहीं होने दी जाएगी। इसके बाद सभी प्रधानगण सदन से उठकर बाहर आ गए।
प्रधानों ने ब्लाक के मुख्य भवन के गेट पर प्रदर्शन भी किया। इसके बाद ब्लॉक प्रमुख को ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर प्रधान सुरेंद्र सिंह, नरेंद्र लाल, बलवीर, विजेंद्र बिष्ट, नरेंद्र, वीरेंद्र सिंह, रामी देवी, धीरेंद्र सिंह बिष्ट, विजय लाल, गंगा देवी, विनीता देवी, महिपाल सिंह, रंजना देवी, आशा देवी और नंद लाल आदि मौजूद थे।