फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

देवाल के किसान विकास मेले में काश्तकारों को दी उन्नत खेती की जानकारी

विज्ञापन
देवाल के हिमनी मे आयोजित किसान विकास मेले मे जागर गायिका बसंती बिष्ट को जटामासी का पौधा देते अधिक - फोटो : KARNPRYAG
विज्ञापन
पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित और महिला जागर गायिका बसंती बिष्ट ने कहा कि ग्रामीण अंचलों में आयोजित होने मेले हमारी संस्कृति के वाहक हैं। उन्होंने गढ़वाली बोली के संरक्षण और संवर्द्धन पर जोर दिया। इस दौरान मेले में आए लागों ने बसंती बिष्ट का नागरिक अभिनंदन किया ।
विज्ञापन

हिमनी गांव में आयोजित किसान विकास मेले में का उद्घाटन करते हुए उन्होंने कहा कि इन मेलों के माध्यम से हमारी बोली भाषा का प्रचार- प्रसार होता है। कहा कि पिंडर घाटी हमेशा से संस्कृति की संवाहक रही है। घेस तथा हिमनी राज्य का पहला जड़ी बूटी उत्पादन गांव बन गया है। मेले में स्थानीय लोक कलाकारों, शिक्षण संस्थाओं और महिला एवं युवक मंगल दलों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये।
उच्च शिखरीय पादप कार्यिकी शोध केंद्र श्रीनगर और जड़ी बूंटी शोध संस्थान गोपेश्वर द्वारा स्थानीय काश्तकारों को जटामासी के पौधे दिये गये। कृषि, उधान सहित कई विभागों ने स्टॉल लगाकर किसानों को उन्नत खेती के बारे में बताया।
विज्ञापन

ममंद हिमनी की महिलाओं ने लोक जात की सुंदर झांकी से दर्शकों को भाव-विभोर किया। लोक गायक दिगंबर ने...धनपुर की रेशमा, सुनील कोठियाल ने...सुड़जा बात मेरी...गीतों की शानदार प्रस्तुति दी। राइंका घेस, जूनियर हाईस्कूल हिमनी के बच्चों ने कार्यक्रम प्रस्तुत किये। इस दौरान मेला समिति ने प्रतिभागियों को सम्मानित किया।
इस मौके पर जड़ी बूटी शोध एवं विकास संस्थान के विक्रम रावत ने जड़ी-बूटी के कृषिकरण की तकनीक, कृषकों के पंजीकरण और विपणन के बारे में जानकारी दी। कृषि विभाग के मदन मिश्रा, उधान विभाग के पवन चौहान ने बीज व कृषि यंत्रों के बारे में जानकारी दी। इस मौके पर दर्शन दानू, हुकम सिंह, राजेंद्र सिंह, रूप सिंह, हरकी देवी, नंदी देवी, कलम सिंह, कुंदन भंडारी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें