रात दो बजे हुई बारिश से मलबा आने से बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग बल्दौड़ा, लामबगड़ और बैनाकुुली में बंद हो गया। बृहस्पतिवार दोपहर एक बजे तक हाईवे न खुलने पर 200 तीर्थयात्री पैदल ही बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब के दर्शनों के लिए निकले पड़े। उन्हें बैनाकुली से एक किमी की पैदल दूरी नापनी पड़ी। दोपहर एक बजे के बाद हाईवे खोल दिया गया।
बुधवार को मध्य रात्रि से बृहस्पतिवार सुबह नौ बजे तक चमोली जिले में बारिश हुई, जिससे बदरीनाथ हाईवे बंद हो गया। इस दौरान तीर्थयात्री अपने वाहन बल्दौड़ा में ही छोड़कर पैदल ही बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा पर गए।
बाद में सीमा सड़क संगठन के अधिकारियों ने मशीन और मजदूरों की मदद से हाईवे को वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया। हालांकि अभी भी हाईवे लामबगड़ और बैनाकुली में खतरनाक बना हुआ है। बृहस्पतिवार को 200 पैदल तीर्थयात्रियों सहित 609 तीर्थयात्रियों ने बदरीनाथ धाम के दर्शन किए।
वहीं, गोविंदघाट से 264 तीर्थयात्री हेमकुंड साहिब के लिए रवाना हुए। वह शाम चार बजे रात्रि विश्राम के लिए घांघरिया पहुंचे। बारिश के कारण हेमकुंड साहिब पैदल मार्ग बदहाल बना है फिर भी यात्री उत्साह के साथ आगे बढ़ रहे हैं।