कोरोना से मुक्ति के लिए होगा बदरीनाथ का पहला अभिषेक
कल खुलेंगे भगवान बदरीनाथ के कपाट, तैयारियां पूरी
प्रमोद सेमवाल
गोपेश्वर। भगवान बदरीनाथ की अभिषेक पूजा पूरे विधि-विधान, वेदपाठ और मंत्रोच्चारण के साथ होगी, लेकिन इस बार सैकड़ों मील दूर से पहुंचने वाले भक्तों की लंबी कतार और जय बदरीविशाल का जयघोष कहीं सुनाई नहीं देगा। बदरीनाथ धाम में ऐसा पहली बार देखने को मिलेगा। बदरीनाथ के धर्माचार्यों का कहना है कि भगवान बदरीनाथ का पहला अभिषेक कोरोना संक्रमण की मुक्ति के लिए किया जाएगा।
बदरीनाथ धाम के कपाट खोलने की तिथि पहले 30 अप्रैल सुबह साढ़े चार बजे तय की गई थी, लेकिन लॉकडाउन के कारण धाम की तिथि में परिवर्तन कर इसे 15 मई कर दिया गया। बदरीनाथ धाम के कपाट खोलने को लेकर देवस्थानम बोर्ड की ओर से तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बदरीनाथ मंदिर परिसर में बिजली और पानी की आपूर्ति सुचारु हो गई है। बदरीनाथ के डिमरी पुजारी पंकज डिमरी और राजेंद्र डिमरी ने बताया कि बदरीनाथ धाम की अभिषेक पूजा भी कोरोना से मुक्ति के लिए की जाएगी। इस बाद बदरीनाथ के कपाटोद्घाटन के दौरान सिर्फ 28 लोग ही मंदिर में प्रवेश कर सकेंगे। जोशीमठ के एसडीएम अनिल चन्याल ने बताया कि सरकार की ओर से जारी आदेशों के आधार पर मंदिरों के पुजारी व सेवकों को सशर्त धाम में जाने की अनुमति है। उन्हें एकांतवास के नियमों का पालन करते हुए धाम में पूजा-अर्चना करने की अनुमति दी गई है।
अखंड ज्योति के दर्शनों को पहुंचे थे 15000 तीर्थयात्री
वर्ष 2019 में 10 मई को बदरीनाथ धाम के कपाट खुले थे। तब देश-विदेश के 15000 तीर्थयात्री अखंड ज्योति के साक्षी बने थे। कपाटोद्घाटन पर प्रदेश की राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने भगवान बदरीनाथ के दर्शन किए थे। वहीं, कनाडा में रहने वाले एनआरआई अजय शाह ने भगवान बदरीनाथ के रत्न जड़ित सोने का मुकुट अर्पित किया था।