चार दिनों से लामबगड़ में अवरुद्ध बदरीनाथ हाईवे सोमवार को सुबह मात्र 45 मिनट के लिए खुला। इस दौरान बदरीनाथ धाम की ओर से फंसे करीब ढाई सौ बाइक सवार कांवड़ियों और तीर्थयात्रियों, आठ चौपहिया वाहनों और 32 अन्य तीर्थयात्रियों को सकुशल निकालकर उनके गंतव्य को भेजा गया।
भारी बारिश के कारण हाईवे फिर से अवरुद्ध हो गया है। हालांकि सुबह करीब अस्सी तीर्थयात्री लामबगड़ गांव से तीन किमी पैदल बैनाकुली तक और उससे वाहनों की मदद से बदरीनाथ धाम पहुंचे।
सोमवार को बारिश नहीं होने से तड़के छह बजे से ही बीआरओ की मशीनों ने हाईवे को खोलने का काम शुरू कर दिया था। सुबह सवा ग्यारह बजे हाईवे को वाहनों के जाने लायक खोल दिया गया।
इस दौरान कांवड़ियों के दुपहिया और तीर्थयात्रियों के चौपहिया वाहनों को निकाला ही जा रहा था कि दोपहर बारह बजे पुन: लामबगड़ क्षेत्र में जोरदार बारिश शुरू हो गई, जिससे वाहनों की आवाजाही रोक ली गई।
बारिश के कारण लामबगड़ चट्टान से फिर बोल्डर और भारी मात्रा में मलबा हाईवे पर आ गया। लगातार बारिश होने से बीआरओ की मशीनें और मजदूर देर शाम तक भी हाईवे को नहीं खोल पाए थे। बीआरओ के कमान अधिकारी मेजर रुप ज्योति दास ने बताया कि लामबगड़ भूस्खलन क्षेत्र में थोड़ी सी बारिश होने पर भी चट्टान से बोल्डर और मलबा छिटककर हाईवे पर आ रहा है, जिससे हाईवे को सुचारु करना मुश्किल बना हुआ है।
पांच घंटे अवरुद्ध रहा मलारी हाईवे
जोशीमठ। जोशीमठ-मलारी राष्ट्रीय राजमार्ग सोमवार को करीब पांच घंटे अवरुद्ध रहा। सुबह दस बजे अचानक रैणी गांव के पास चट्टान का एक हिस्सा टूटकर हाईवे पर आ गया, जिससे नीती क्षेत्र के ग्रामीणों के साथ ही सेना और आईटीबीपी के वाहनों की आवाजाही रुक गई।
भारी बारिश के चलते करीब एक घंटे तक बीआरओ की मशीनें हाईवे को खोलने का कार्य नहीं कर पाई। सुबह ग्यारह बजे बारिश थमने के बाद हाईवे को खोलने का काम शुरू हुआ। अपराह्न तीन बजे तक ही हाईवे को वाहनों की आवाजाही के लिए सुचारु किया जा सका।