बदरीनाथ हाईवे लामबगड़ में तीसरे दिन शुक्रवार को भी नहीं खुल पाया। क्षेत्र में रुक-रुक कर हो रही बारिश की वजह से हाईवे खोलने का काम बाधित हो रहा है। वहीं नीती सीमा क्षेत्र को देश के अन्य हिस्सों से जोड़ने वाला मलारी हाईवे भी तीन दिनों से सुराईथोटा के समीप बंद पड़ा है। उधर, उत्तरकाशी जिले में गंगोत्री हाईवे थिरांग के पास चट्टानी मलबा आने से छह घंटे यातायात के लिए बंद रहा।
चमोली जिले में बुधवार को भारी बारिश के कारण बदरीनाथ हाईवे लामबगड़ में पहाड़ी से मलबा आने से बाधित हो गया था। हाईवे पर राड़ांग बैंड से आगे बीआरओ की ओर से किया जा रहा सुधारीकरण कार्य भी बाधित हो गया है। हेलंग-उर्गम मोटर मार्ग भी थैंणा बैंड के पास बंद पड़ा है। लोनिवि के एनएच इकाई के अधिशासी अभियंता प्रवीन कुमार का कहना है कि बारिश के कारण हाईवे सुधारीकरण का कार्य शुरू नहीं हो पाया है।
थराली। शुक्रवार को हुई भारी बारिश से पिंडर घाटी की कई सड़कों पर मलबा आ गया। थराली-देवाल मोटर मार्ग पर साहू गांव पुलिया में मलबा आने से मार्ग जानलेवा बना है। वहीं ग्वालदम-खंपाधार मोटर मार्ग पर मलबा आने से कई जगहों पर मार्ग बंद हो गया है। नदंकेशरी-जौला, थराली-कुरार, लोल्टी-मालबज्वाड़ मोटर मार्गों पर बारिश से मलबा आने से दलदल बन गया है।
उत्तरकाशी जिले में बारिश के चलते गंगोत्री हाईवे पर तीन दिनों से यातायात बाधित हो रहा है। शुक्रवार को गंगोत्री हाईवे थिरांग के पास चट्टानी मलबा आने से छह घंटे यातायात के लिए बंद रहा। गंगोत्री हाईवे पर सात डेंजर जोन चिह्नित हैं, जो बारिश होने पर मुसीबत का सबब बनने लगे हैं। बृहस्पतिवार रात से जारी बारिश के कारण गंगोत्री हाईवे थिरांग के पास छह घंटे यातायात केे लिए बंद रहा। सुबह सात बजे बीआरओ को मार्ग बंद होने की सूचना मिली। मौके पर पहुंची बीआरओ की मशीनरी ने हाईवे को करीब 11 बजे यातायात के लिए बहाल किया।