जोशीमठ/उत्तरकाशी। बदरीनाथ हाईवे लामबगड़ में चट्टान से बोल्डर और मलबा आने से शनिवार को दिनभर बाधित रहा। एनएच की जेसीबी हाईवे को खोलने में जुटी हुई है। फिलहाल लामबगड़ में निर्माणाधीन सड़क से वाहनों की आवाजाही कराई जा रही है। उधर, उत्तरकाशी में थिरांग के पास पहाड़ी से हुए भूस्खलन के चलते गंगोत्री हाईवे करीब छह घंटे तक अवरुद्ध रहा। दोपहर बाद बीआरओ ने यहां मलबा हटाकर वाहनों की आवाजाही सुचारु की।
लामबगड़ में फिर से चट्टान से भूस्खलन सक्रिय हो गया है। यहां रह-रहकर बोल्डर और मलबा हाईवे पर आ रहा है। शनिवार को भी तड़के तीन बजे चट्टान से बड़े-बड़े बोल्डर चट्टान से छिटक कर हाईवे पर आ गए। हालांकि बदरीनाथ धाम की तीर्थयात्रा बंद होने से हाईवे पर कम ही वाहनों की आवाजाही हो रही है, लेकिन माणा क्षेत्र में तैनात सेना व आईटीबीपी के वाहनों के साथ ही स्थानीय लोगों की आवाजाही हाईवे अवरुद्ध होने से रुक गई, जिसे देखते हुए एनएच की ओर से सुबह सात बजे से जेसीबी की मदद से हाईवे को खोलने का कार्य किया जा रहा है। जोशीमठ के एसडीएम अनिल चन्याल ने बताया कि वाहनों की आवाजाही के लिए वैकल्पिक मार्ग बना लिया गया है। हाईवे को भी रविवार तक खोल दिया जाएगा।
उधर, गंगोत्री हाईवे पर कई स्थानों पर सक्रिय भूस्खलन यातायात पर भारी पड़ रहा है। भटवाड़ी से गंगनानी के बीच थिरांग और सुनगर के पास आए दिन गंगोत्री हाईवे भूस्खलन से अवरुद्ध होने की समस्या आ रही है। शनिवार सुबह भी थिरांग के पास भूस्खलन होने से गंगोत्री हाईवे अवरुद्ध हो गया। सूचना मिलते ही बीआरओ के जवानों ने यातायात बहाली के प्रयास शुरू कर दिए। भूस्खलन में आए भारी बोल्डर और मलबा हटाकर दोपहर बाद हल्के वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई थी, जबकि शाम को मलबा हटाकर भारी वाहनों की आवाजाही भी शुरू हो गई है। हालांकि इस स्थान पर अब भी भूस्खलन से हाईवे अवरुद्ध होने का खतरा बना हुआ है।