गुलाबाकोटी में बुधवार को हुआ बदरीनाथ हाईवे दो दिन बाद वाहनों की आवाजाही के लिए सुचारु हो गया है। गुलाबकोटी में हाईवे के सुचारु होने के बाद बदरीनाथ, जोशीमठ, पाडुकेश्वर, गोविंदघाट, पीपलकोटी और चमोली में रोके गए यात्री वाहनों की आवाजाही सुचारु कर दी गई है।
बुधवार दोपहर बाद गुलाबकोटी में पहाड़ी के एक हिस्से के बदरीनाथ हाईवे पर आने से हाईवे बाधित हो गया था। उसके बाद से बीआरओ के मजदूर और मशीनें हाईवे सुचारु करने में जुटे थे।
करीब 24 घंटे की मशक्कत के बाद बृहस्पतिवार को दोपहर साढेृ बारह बजे छोटे वाहनों के लिए हाईवे सुचारु कर दिया गया है। हाईवे सुचारु होने के बाद यात्रा पडावों पर रुके तीर्थयात्रियों को गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया है।
बीआरओ के कमान अधिकारी रूप ज्योति दास ने बताया कि बदीरनाथ हाईवे पर गुलाबकोटी में बड़े बोल्डर आ गए थे। यहां विस्फोट कर पाना संभव नहीं होने से पहले छोटे वाहनों के लिए हाईवे खोला गया। देर शाम तक बड़े वाहनों के आन-जाने लायक सड़क भी बना दी गई है।
बीआरओ ने गंगोत्री हाईवे पर बहाल किया यातायात
उत्तरकाशी। बीआरओ ने आखिरकार बृहस्पतिवार दोपहर को गंगोत्री हाईवे पर यातायात बहाल कर दिया है। गंगोरी-गजोली एवं खरादी-नगाणगांव मोटर मार्ग पर अभी तक यातायात बहाल नहीं हो पाया है।
18 जुलाई की शाम को हेलगूगाड के पास भारी चट्टानें दरकने से गंगोत्री हाईवे अवरुद्ध हो गया था। बीआरओ के कमान अधिकारी मेजर एसएस रॉय ने चार दिनों तक मौके पर मौजूद रहकर दिन रात काम कराया। दिन में कांवड़ यात्रियों की आवाजाही और रुक-रुक कर चट्टानें दरकने का सिलसिला जारी रहने से रात के समय रोशनी का इंतजाम कर युद्धस्तर पर काम कराया गया। आखिरकर बृहस्पतिवार दोपहर करीब बारह बजे यहां यातायात बहाल हो गया।
बीते दिनों बरसात में अवरुद्ध हुई जिले की अधिकांश सड़कों पर यातायात बहाल हो गया है। गंगोरी-गजोली मोटर मार्ग पर सेकू पुल के पास पहाड़ी से पत्थर गिरने से यातायात चालू नहीं हो पा रहा है। पीएमजीएसवाई के अधिकारी 25 जुलाई तक यहां यातायात सुचारु करने की बात कह रहे हैं। जबकि खरादी-नगाणगांव मोटर पुल की एप्रोच को दुरुस्त करने में अभी 15 सितंबर तक का समय लगने की जानकारी दी जा रही है।
जीप के ऊपर गिरे पत्थर, बाधित रहा यातायात
श्रीनगर। देवप्रयाग से ऋषिकेश के बीच बुधवार रात से रुक-रुक भारी बारिश होने से बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर जगह-जगह मलबा आ रहा है। बृहस्पतिवार सुबह लगभग सात बजे तोताघाटी के समीप मलबा आने से लगभग एक घंटे बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग अवरुद्ध रहा।
यहां मार्ग खुलने के कुछ देर बाद गूलर के निकट दो स्थानों में बोल्डर और मलबा आने से वाहनों का आवागमन फिर रुक गया। गूलर के निकट पहाड़ी से अचानक बड़े-बड़े पत्थर सड़क पर आ गिरे, जो वहां से गुजर रही जीप के ऊपर गिर गए। गनीमत यह रही कि जीप के अंदर बैठे लोगों को बाहर भागने का मौका मिल गया। यहां लगभग दो घंटे मार्ग अवरुद्ध रहा।
लोनिवि राष्ट्रीय राजमार्ग खंड के अधिशासी अभियंता जितेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि संवदेनशील स्थानों में मशीन तैनात हैं। सुबह काफी तेज बारिश होने से पत्थर गिरते रहे। इससे कुछ देर इंतजार करना पड़ा। वहीं मलबे में जीप फंसे होने से यह भी ध्यान रखना पड़ा कि कहीं वह मलबे के साथ खाई में न गिर जाए।
चार दिन बाद खुला नरेंद्रनगर में हाईवे
नरेंद्रनगर (टिहरी)। कुम्हारखेड़ा बाईपास में चार दिनों से बंद ऋषिकेश-गंगोत्री हाईवे बृहस्पतिवार सुबह 11 बजे खोल दिया गया है। समस्या से निपटने के लिए बीआरओ ने वहां एक पोकलैंड मशीन और एक जेसीबी तैनात की है। भूधंसाव रोकने के लिए वहां जल्द ही स्टील के गार्डर और दीवार लगाई जाएगी।
भारी मात्रा में हुए भूधंसाव से बंद मार्ग खोलने में बारिश ने भी काफी बाधा पहुंचाई है। बृहस्पतिवार सुबह सवा 11 बजे मार्ग खुलते ही दोनों ओर बड़ी संख्या में खड़े वाहन अपने गंतव्य की ओर निकले। हाईवे साढ़े 12 बजे फिर बंद हो गया, लेकिन 15 मिनट बाद ही सड़क फिर से खोल दी गई। डीएम इंदुधर बौड़ाई ने बीआरओ को चौबीसों घंटे निगरानी रखने के निर्देश देते हुए जरूरी मशीनरी तैयार रखने को कहा है।
बीआरओ के कै. सिद्धार्थ ने बताया कि बारिश होने पर मलबा रोकने के लिए सड़क के नीचे रैंप बनाए गए हैं। कहा कि भूधंसाव रोकने के लिए जल्द ही पहाड़ी की तरफ सुरक्षा दीवार और बाहरी छोर की ओर क्रैश बैरियर लगाए जाएंगे।
इसके साथ ही नगर क्षेत्र में बिजली और पानी की आपूर्ति भी बहाल कर दी गई है। कुम्हारखेड़ा से शिफ्ट किए गए परिवार फिलहाल प्रेक्षागृह और बारात घर में ही है। एसडीएम लक्ष्मीराज चौहान ने कहा कि समस्या का हल जल्द निकाल लिया जाएगा।
हाईवे सुचारु, पहंचने लगे तीर्थयात्री
गढ़वाल। हाईवे सुचारु होने के बाद अब यात्री भी चारधाम यात्रा पर आगे बढ़ने लगे हैं। बृहस्पतिवार को बदरीनाथ में 439, केदारनाथ में 304, यमुनोत्री में 88 और गंगोत्री में 625 यात्रियों ने दर्शन किए।
बदरीनाथ हाईवे के सुचारु होने के बाद शाम पांच बजे तक 439 तीर्थयात्री बदरीनाथ धाम पहुंचे। धाम सहित पूरे जिले में सुबह से ही आसमान में बादल छाये रहे। हेमकुंड की यात्रा पर आए 167 तीर्थयात्री भी देर शाम तक घांघरिया पहुंच गए हैं। वहीं केदारनाथ में 304 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। केदारनाथ में शिव महापुराण कथा का आयोजन किया जा रहा है।
इस मौके पांडाल में कथा श्रवण के लिए कई भक्त पहुंच रहे हैं। इधर, द्वितीय केदार मद्महेश्वर और तृतीय केदार तुंगनाथ में दर्शनार्थी पहुंच रहे हैं। बृहस्पतिवार को यमुनोत्री में 88 तीर्थयात्री तथा गंगोत्री में 625 यात्री पहुंचे। इनमें अधिकांश कांवड़िए शामिल हैं।