मार्गशीर्ष माह में उमा देवी (दिवारा यात्रा) 15 दिनों के प्रवास पर अपने मायके डिम्मर गांव में रहेगी। माता के दर्शनों के लिए देशभर श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ेगा, लेकिन उमा की यह यात्रा श्रद्धालुओं के लिए बेहद कठिन होगी।
दरअसल, दो माह पूर्व आली और खारीगाड़ गदेरे के उफान पर आने से कर्णप्रयाग-डिम्मर- सैंण सड़क बदहाल पड़ी हुई है, लेकिन लोनिवि गौचर के अधिकारी लापरवाह बने हुए हैं। पूर्व प्रधान शैलेंद्र डिमरी, सावित्री देवी, नरेश खंडूड़ी, अरूण कुमार, हेम चंद्र आदि ने बताया कि बारिश और भूस्खलन से सड़क उबड़- खाबड़ हो गई थी। हालांकि लोनिवि गौचर के अधिकारियों ने जेसीबी मशीन से सड़क को आनन- फानन में खोल दिया गया था, लेकिन इन स्थानों पर वाहनों की आवाजाही जानलेवा बनी हुई है। कहा कि दो माह व्यतीत होने के बाद भी सड़क को व्यवस्थित करने के प्रयास नहीं किए गए हैं। कहा कि एक ओर उमा देवी की यात्रा शुरू होनी है और दूसरी ओर सड़के बदहाल है। ग्रामीणों ने जल्द सड़क ठीक नहीं किए जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
कर्णप्रयाग- डिम्मर मोटर मार्ग के क्षतिग्रस्त स्थानों का इस्टीमेट बनाकर उच्चाधिकारियों को भेजा गया है। धनराशि स्वीकृत होने पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
एमएस रावत, एई , लोनिवि, गौचर