बधाण की नंदा राजराजेश्वरी की उत्सव डोली शुुक्रवार को पैठाणी गांव से अपने अगले पड़ाव सिमली गांव पहुंची। श्रद्धालुओं ने मां नंदा देवी का फूल मालाओं से भव्य स्वागत और पूजा अर्चना की।
25 दिसंबर को बधाण की नंदा देवी की उत्सव डोली देवराड़ा गांव में छह माह प्रवास के बाद सिद्धपीठ कुरूड़ के लिए चली थी। इस दौरान पिंडर घाटी के विभिन्न गांवों के यात्रा पड़ावों से होते हुए बृहस्पतिवार को पैठाणी गांव पहुंची थी। पैठाणी गांव में शुक्रवार को पूजा के बाद ग्रामीणों ने देवी को बनेला गांव होते हुए सिमली गांव तक विदा किया।
सिमली गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने मांगल तथा जागर गीतों से देवी का भव्य स्वागत किया। इस मौके पर देवताओं के पश्वाओं ने अवतरित होकर श्रद्धालुओं को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद दिया।
मां नंदा देवी के पुजारी मंशाराम गौड़ ने बताया कि शनिवार को उत्सव डोली सणकोट गांव में रात्रि प्रवास कर रविवार को सैंती गांव पहुंचेगी। सोमवार 11 जनवरी को सिद्धपीठ कुरूड़ में वैदिक मंत्रोच्चारों के साथ नंदा देवी मंदिर में प्रतिस्थापित होंगी।