बदरीनाथ हाईवे और हेमकुंड साहिब मार्ग के खुलने पर सोमवार से दोनों धामों की यात्रा शुरू हो गई है। हाईवे खुलने पर बदरीनाथ धाम में ठहरे 700 तीर्थयात्री अपने घरों को लौट गए, जबकि करीब 1500 यात्री देर शाम तक बदरीविशाल के दर्शन को धाम में पहुंचे हैं।
बता दें कि 25 जून को भारी बारिश से मलबा आने पर बदरीनाथ हाईवे बैनाकुली और लामबगड़ में अवरुद्ध हो गया था। अगले दिन 26 अप्रैल को मारवाड़ी में हाईवे बंद हो गया।
रविवार तक लामबगड़ और मारवाड़ी में हाईवे खोल दिया गया था। सोमवार पूर्वाह्न 11 बजे बैनाकुली में भी करीब 700 मीटर हिल कटिंग कर सीमा सड़क संगठन सड़क बनाने में कामयाब रहा।
हाईवे खुलने के बाद 26 जून से बदरीनाथ में फंसे 276 यात्रा वाहन सुरक्षित निकाल लिए गए। वहीं, हेमकुंड साहिब मार्ग पर लोनिवि और आईटीबीपी के जवानों ने तीसरा अस्थाई पुल भी बना लिया है, जिससे हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा भी सुचारु हो गई है।
सोमवार को गोविंदघाट से 140 तीर्थयात्री सुबह सात बजे हेमकुंड के लिए रवाना हुए, जो अपराह्न तीन बजे घांघरिया पहुंचे।
हेमकुंड साहिब में दोपहर तक मौसम सामान्य रहा। अपराह्न तीन बजे से आधे घंटे के लिए बारिश हुई। देर शाम तक करीब 432 सिख तीर्थयात्री गोविंदघाट पहुंच चुके थे। जिलाधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि हेमकुंड साहिब मार्ग पर तीन अस्थाई पैदल पुल बना लिए गए हैं।
लोनिवि ने स्थाई पुलों का निर्माण भी शुरू कर दिया गया। दोनों धामों की तीर्थयात्रा सुचारु हो गई है। बारिश होने पर तीर्थयात्रियों से सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की अपील की गई है।
घांघरिया के लिए शुरू हुई हवाई सेवा
जोशीमठ। प्रशासन की घोषणा के अनुसार सोमवार से गोविंदघाट से घांघरिया के लिए हवाई सेवा शुरू हो गई। पहले दिन 59 तीर्थयात्री हेलीकाप्टर से घांघरिया पहुंचे। बदरीनाथ में दिनभर मौसम खराब होने से धाम के लिए हेलीकाप्टर उड़ान नहीं भर सका।
उधर, घांघरिया में रुके करीब 80 तीर्थयात्रियों को भी सोमवार को हेलीकॉप्टर से जोशीमठ पहुंचाया गया। ये सभी यात्री वहां गुरुद्वारे में ठहरे हुए थे। सोमवार को गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी ने जिला प्रशासन से इन्हें जोशीमठ तक पहुंचाने का अनुरोध किया था।