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यादें: धूल भरे मार्ग हों या पहाड़ के सर्पिल रास्ते; दुष्कर राहों को आसान कर खंडूड़ी कहलाए भारत के रोडमैन

Tue, 19 May 2026 11:14 PM IST
Alka Tyagi माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून

सार

Uttarakhand Former CM B.C. Khanduri Death: वर्ष 2000 में अटल सरकार ने गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़ने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की शुरुआत की। राज्यमंत्री रहते उन्होंने मंत्रालय में इस योजना को धरातल पर उतारने के लिए एक तरह से मुख्य भूमिका निभाई।
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पूर्व सीएम बीसी खंडूड़ी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अटल सरकार में सड़क परिवहन मंत्री रहे मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी (सेनि.) को देश की दुष्कर राहों को आसान करने का श्रेय जाता है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना(पीएमजीएसवाई) के तहत मैदान के गांवों की धूल भरे मार्ग हों या पहाड़ के सर्पिले रास्ते ये सब सड़क उन्हीं के समय कहलाए। देश के हाइवे प्रोजेक्ट को गति देने से लेकर चारों महानगरों को जोड़ने वाले स्वर्णिम चतुर्भुज को आकार देने खंडूड़ी ही थे। समय-समय पर उन्हें कभी रोड मैन कहा गया तो कभी वह फेस ऑफ हाइवे प्रोजेक्ट ऑफ इंडिया कहे जाने लगे।

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वर्ष 2000 में अटल सरकार ने गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़ने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की शुरुआत की। राज्यमंत्री रहते उन्होंने मंत्रालय में इस योजना को धरातल पर उतारने के लिए एक तरह से मुख्य भूमिका निभाई।

B.C Khanduri Death: अहम फैसले लेने में विपक्ष को विश्वास में लेते थे खंडूड़ी, वो काम जिनके लिए रहेंगे याद

इसके बाद वर्ष 2003 में जब वह कैबिनेट मंत्री बने तो उन्होंने पहाड़ी क्षेत्रों में गांवों की जनसंख्या का पैमाने को कम कर सड़कों का जाल बिछाने के काम अपनी निगरानी में कराया। उस वक्त नए नवेले राज्य उत्तराखंड की भी दूर दराज के वे रास्ते जहां पैदल चलना मुश्किल था वहां मोटर वाहन तक जाने लगे।

ग्रामीण क्षेत्रों में लाखों किलोमीटर सड़कें बनवाकर खंडूड़ी उस वक्त भारत के रोडमैन कहलाए जाने लगे। यही वह दौर भी था जब तंग और एक सदी पुराने मापदंडों के आधार पर बने राष्ट्रीय राजमार्गों को भी आधुनिक किया जा रहा था। चारों महानगरों को जोड़ने के लिए एक महत्वाकांक्षी परियोजना गोल्डन चतुर्भुज आकार ले रही थी।

कैबिनेट मंत्री बनते ही उन्होंने इस योजना का काम तेजी से पूरा कराया। राष्ट्रीय राजमार्ग विकास परियोजना के तहत भारत भी अब उन चुनिंदा देशों में शामिल होने की दहलीज पर खड़ा था जहां पर मल्टीलेन रोड नेटवर्क बने थे। चार और छह लेन की ये सड़कें बीसी खंडूड़ी के कैबिनेट मंत्री रहते ही तेजी से बन पाईं। हाइवे प्रोजेक्ट को तेजी से चलाने पर ही उन्हें हाइवे प्रोजेक्ट का फेस भी कहा जाने लगा।
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प्रशासनिक समझ और इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि से बनाई जगह
मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी (सेनि.) ने सेना में इंजीनियरिंग कोर में सेवाएं दी थीं। उनके पास प्रशासनिक अनुभव तो था लेकिन राजनीतिक अनुभव शायद उतना नहीं था कि उन्हें सीधे कोई मंत्रालय दिया जाता। शायद यही कारण रहा कि अटल सरकार में वर्ष 2000 से 2003 तक सड़क परिवहन राज्य मंत्री रहे। इसके बाद उनकी प्रशासनिक क्षमताओं और इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि के चलते जो उन्होंने मंत्रालय में राज्यमंत्री रहते काम किया उसी का परिणाम रहा कि वर्ष 2003 में इसी मंत्रालय का कैबिनेट मंत्री बना दिया गया।
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